देवबंद। गर्मी का असर तेज होने के साथ ही शहर में मच्छरों की बढ़ती संख्या, बिजली कटौती के दौरान पानी की दिक्कत और कई स्थानों पर खराब पड़े सार्वजनिक ठंडे पानी के फ्रीज जैसे मुद्दे आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर देवबंद नगर पालिका की ओर से राहत के इंतजाम शुरू कराने की जानकारी सामने आई है।
नगर पालिका के सभासद डॉ. वाजिद मलिक ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि नगरवासियों को मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए हर वार्ड में कीटनाशक दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी। उनके अनुसार यह अभियान मंगलवार से शुरू कराया जाना प्रस्तावित है, ताकि गर्मी और मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रही मच्छरों की समस्या को समय रहते काबू किया जा सके।
मच्छरों से परेशान लोगों को राहत देने का दावा
शहर के कई मोहल्लों में शाम ढलते ही मच्छरों की समस्या बढ़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों, नालों के आसपास और जलभराव वाले स्थानों में लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
सभासद डॉ. वाजिद मलिक ने कहा कि नगर पालिका इस बार मच्छरों की रोकथाम के लिए वार्डवार अभियान चलाने जा रही है। फॉगिंग के साथ-साथ कीटनाशक दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा, जिससे केवल धुआं छोड़ने तक बात सीमित न रहे, बल्कि मच्छरों के पनपने वाले स्थानों पर भी असर पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था और दवा छिड़काव को साथ लेकर चलने की जरूरत है, क्योंकि केवल फॉगिंग से स्थायी राहत नहीं मिलती। हालांकि यह देखना अहम होगा कि पालिका का यह अभियान नियमित रूप से चलता है या कुछ दिनों की कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।
बिजली जाने पर भी पानी की सप्लाई चालू रखने की तैयारी
गर्मी के दिनों में देवबंद में पानी की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। दूसरी ओर, बिजली कटौती या तकनीकी बाधा के कारण कई बार ट्यूबवेल बंद हो जाते हैं, जिसका सीधा असर घरों तक पहुंचने वाली पानी की सप्लाई पर पड़ता है। इस परेशानी को कम करने के लिए नगर पालिका ने नई व्यवस्था पर काम शुरू करने की बात कही है।
सभासद के मुताबिक, नगर में लगे सभी ट्यूबवेलों पर जनरेटर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। कुछ ट्यूबवेलों पर नए जनरेटर लगाए जाएंगे, ताकि बिजली जाने की स्थिति में भी पानी की मोटरें बंद न हों और सप्लाई जारी रखी जा सके।
यदि यह व्यवस्था तय समय में लागू होती है तो शहर के उन इलाकों को सीधी राहत मिल सकती है, जहां गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत सबसे ज्यादा महसूस की जाती है। खासकर सुबह और शाम के सप्लाई समय में बिजली बाधित होने पर लोग बाल्टी, टंकी और घरेलू जरूरत के लिए परेशान दिखाई देते हैं।
खराब पड़े सार्वजनिक फ्रीज भी ठीक कराने का भरोसा
गर्मी के मौसम में राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और बाजार आने-जाने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर फ्रीज बड़ी राहत साबित होते हैं। लेकिन शहर में कई स्थानों पर ऐसे फ्रीज खराब पड़े होने की शिकायतें भी समय-समय पर उठती रही हैं।
डॉ. वाजिद मलिक ने बताया कि नगर में खराब पड़े फ्रीज जल्द ठीक कराकर उनके निर्धारित स्थानों पर चालू कराए जाएंगे। इसके साथ ही कुछ नए फ्रीज लगवाने को लेकर भी नगर पालिका ने शासन को रिपोर्ट भेजी है।
यह व्यवस्था यदि जमीन पर उतरती है तो भीषण गर्मी में आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर बाजार, मुख्य चौराहों और अधिक आवाजाही वाले इलाकों में साफ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता शहर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है।
सभासद की ओर से मच्छर नियंत्रण, पानी की निर्बाध सप्लाई और सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था को लेकर की गई घोषणाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हैं। इन तीनों मुद्दों का असर शहर के लगभग हर वर्ग पर पड़ता है। इसलिए नगरवासियों की निगाह अब इस बात पर रहेगी कि पालिका इन दावों को कितनी तेजी और नियमितता के साथ जमीन पर उतारती है।
शहर के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि गर्मी शुरू होते ही इन समस्याओं पर चर्चा तेज हुई है। लेकिन असली कसौटी काम के समय पर पूरा होने और उसके लगातार जारी रहने की होगी। फॉगिंग अभियान नियमित चला, ट्यूबवेलों पर जनरेटर लगे और खराब फ्रीज वास्तव में चालू हुए—तभी इसका फायदा जनता तक साफ तौर पर पहुंचेगा।






