अतिक्रमण के नाम पर लटका चरथावल-थानाभवन मुख्य मार्ग का निर्माण

मुजफ्फरनगर। सहारनपुर मंडल के तीन जिलों की तीन लोकसभा सीटों कैराना, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से जुड़ी चार विधानसभा सीटों के सैंकड़ों गांव को जोड़कर रखने वाला मुजफ्फरनगर से थानाथवन वाया चरथावल मार्ग आज भी दयनीय स्थिति में ही है। यहां पर सरकार ने मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए बजट पास किया और कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी लोगों की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। इस मार्ग के निर्माण के लिए केन्द्रीय राज्यमंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. संजीव बालियान ने शिलान्यास किया और जनता के बीच भी खूब प्रचार किया, लेकिन अपने पैतृक गांव वाली विधानसभा चरथावल में ही वो इस मार्ग का हिस्सा समय से पूर्ण नहीं करा पाये। वहीं प्रशासनिक अफसर भी अतिक्रमण के बहाने निर्माण में हो रही देरी पर सुस्ती साधे हुए हैं। जनता को कदम कदम पर परेशानी उठानी पड़ रही है।

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चरथावल-थानाभवन मुख्य मार्ग पर सुस्त रफ्तार से चल रहा चौड़ीकरण निर्माण कार्य लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। जिले में बिरालसी से कादरगढ़ तक जिले की सीमा में अनगिनत गड्ढों में लोग जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं। कस्बे और दधेडू में सीसी रोड का निर्माण महीनों से अधर में है। टूटी सड़क पर उड़ते धूल के गुब्बार से लोगों में बीमारी बढ़ रही है। पिछले वर्ष 31 मार्च को शासन ने सीआरएफ से 51.47 करोड़ रुपये 19.122 किमी सड़क के चौड़ीकरण के लिए मंजूर किए थे, लेकिन निर्माण के लिए तय की गई कार्यदायी संस्था ने यहां पर काम करने में ज्यादा रूचि नहीं दिखाई है। मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य बेहद ही सुस्त गति से चलने से हजारों लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। तीन जिलों की लोकसभा क्षेत्र की चार विधानसभा सीटों से जुड़े सैकड़ों गांवों का इस प्रमुख मार्ग से संपर्क हैं। बिरालसी से कादरगढ़ तक करीब दो किमी. तक सड़क में अनगिनत गड्ढे हैं। इस सड़क का शामली जनपद में कादरगढ़ से थानाभवन तक हिस्सा पिछले साल बना दिया गया था, लेकिन इस जिले में सड़क ठीक नहीं हो पाई है। क्षेत्रवासी कहते हैं कि सड़क का निर्माण कछुआ चाल से किया जा रहा है। कई जगह पाइप लाइन का अधूरा कार्य अवरोध बना है।

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निर्माण खंड के अधीन ठेकेदार ने मार्च में दधेडू से चरथावल की सीमा तक तारकोल से चौड़ीकरण शुरू किया था लेकिन सड़क किनारे सैकड़ों पेड़, बिजली के पोल और अधूरी पुलिया छोड़ दी है। असंतुलित वाहन पेड़ों में टकराने से तीन हादसे हो चुके हैं। भाकियू के चरथावल नगर अध्यक्ष सौरभ त्यागी ने कहा कि चौड़ीकरण के बाद निर्धारित जगह में काफी संख्या में पेड़ और विद्युत पोल नहीं हटाए गए। इस वजह सफर जोखिम भरा बन गया है। यहां कई हादसे हो चुके हैं। बेतरतीब कार्य किया जा रहा है। कहीं भी निर्माण कार्य छोड़कर दूसरी जगह काम शुरू कर दिया जाता है। प्रधान हुसैन अहमद कहते हैं कि बेशुमार गड्ढों से कार क्षतिग्रस्त होती है। मुख्य मार्ग पर गड्ढ़ों और जलभराव से लोगों की जिंदगी नरकीय बन गई है। चरथावल कस्बे और दधेडू में सड़क पर उड़ती धूल से अस्थमा के मरीजों की मुश्किल बढ़ती हैं। तीन महीने पहले सरकारी जमीन में ग्रामीणों ने मकानों को खुद तोड़ दिया था। इसके बावजूद दधेडू में अभी तक नाला निर्माण नहीं हुआ। एसडीएम सदर परमानंद झा का कहना है कि काफी हद तक चरथावल मार्ग के निर्माण कार्य को पूर्ण कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों के साथ कार्यदायी संस्था का समझौता नहीं हो पा रहा है। वहां पर अतिक्रमण हटाने के लिए चेतावनी दी गई है। कार्यदायी संस्था के सहयोग में प्रशासन हर कदम उठाने को तैयार है।

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