BKU DHARNA-28 मार्च को मुख्यालय का घेराव करेंगे टिकैत के सिपाही

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने 28 मार्च को जिला मुख्यालय का घेराव करने की तैयारी कर ली है। भाकियू शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब सरकार द्वारा किसान नेताओं को गिरफ्तार कराने के विरोध के साथ ही यूपी में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर इस आंदोलन की घोषणा की है।


भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर प्रदेशव्यापी आंदोलन को देखते हुए जिला मुजफ्फरनगर में भी प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पंजाब में सरकार द्वारा किसान आंदोलन को तानाशाहीपूर्ण तरीके से किसान नेताओं को गिरफ्तार कर खत्म करने के विरोध के साथ ही यूपी में किसानों के बिजली शेड्यूल में परिवर्तन कर दो चरणों में बिजली आपूर्ति व बिजली की अन्य समस्याएं, फसल बीज प्रणाली, गन्ना किसान समस्या, भूमि अधिग्रहण, प्राकृतिक आपदा फसल हानि, छुट्टा पशु रोकथाम, एमएसपी गारंटी कानून, व अन्य किसान समस्याओें को लेकर 28 मार्च 2025 को समस्त मुख्यालयों के साथ-साथ जिला मुजफ्फरनगर मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वो अधिक संख्या में किसानों के साथ जिला मुख्यालय पर 28 मार्च को प्रातः 11.00 बजे तक पहुंचकर आंदोलन का सफल बनायें।

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किसानों को दस घंटे से कम बिजली नहीं मिलेगीः राजू अहलावत

मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि किसानों को खेती के लिए विद्युत आपूर्ति के समय में परिवर्तन हादसों को टालने के लिए किया गया है, इसमें कृषि फीडर को दस घंटे जो बिजली मिल रही थी, उसमें कमी नहीं की गई है। इसके लिए आदेश दो दिन पहले ही जारी कर दिया गया है। किसान निश्चित रहें, उनको पूरे 10 घंटे ही विद्युत आपूर्ति होगी।


किसान संगठनों के द्वारा किये जा रहे प्रदर्शनों के बीच राजू अहलावत ने अपने फेसबुक वॉल से किसानों को यह संदेश देने का काम किया है कि विद्युत आपूर्ति में कटौती नहीं की गई है, जिससे किसानों में बना भ्रम दूर हो सके। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि किसानों को पूरी 10 घंटे बिजली मिलेगी। इसके लिए दो दिन पहले ही आदेश पुनः आ गए थे। मगर हर वर्ष दोपहर को गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर, तार गर्म होने के कारण आग लगती हैं, जिससे किसानों की फसल भी जल जाती हे। ऐसे हादसों को टालने के लिए ही दोपहर में कटौती रखी जा रही है। 10 घंटे बिजली निर्बाध चले और दोपहर के कुछ घंटे हादसों की संभावना के समय बिजली न आये, उसका शेड्यूल बनाया जा रहा है। वहीं इसको लेकर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और भाकियू अ के प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक का कहना है कि यह सरकार छलावा कर रही है। हादसों को टालने के नाम पर किसानों का शोषण होगा और कम बिजली की दी जायेगी। जिससे फसलों पर प्रभाव पड़ेगा।

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3 अपै्रल को एमडी विद्युत कार्यालय घेरेंगे 21 बागी जिलाध्यक्ष

मुजफ्फरनगर। किसानों से जुड़ी विद्युत समस्याओं के निस्तारण के लिए किसान संगठनों के बीच आंदोलन का दौर शुरू हो रहा है। ऐसे में अब भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक से बगावत करने वाले 21 जिलाध्यक्षों ने भी किसानों के हितों को लेकर सड़कों पर आने का ऐलान कर दिया है। ये जिलाध्यक्ष एकजुट होकर किसानों के साथ 3 अपै्रल को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के कार्यालय पर धरना देंगे। भाकियू अराजनैतिक में जनवरी माह में बड़ी बगावत हुई थी। 24 जनवरी को मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी के साथ ही 21 जिलाध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था, तभी से जिला कमेटी भंग है। अंकित चौधरी ने बताया कि अभी कोई नया संगठन ज्वाइन नहीं किया है। सभी 21 जिलाध्यक्ष एकजुट हैं और कृषि फीडर पर विद्युत आपूर्ति घटाने, स्मार्ट मीटर, गलत बिल आदि समस्याओं को लेकर 3 अपै्रल को मेरठ एमडी विद्युत कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं किसानों के बीच संगठनात्मक भागीदारी के लिए निर्णय लिया जायेगा।

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