पहलगाम अटैक पर 12 विपक्षी नेताओं के बयानों पर पाकिस्तान को मिली जीत, भाजपा नेता ने जताया आक्रोश
मुजफ्फरनगर। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत द्वारा पेश किए गए निंदा प्रस्ताव से एक महत्वपूर्ण क्लॉज हटाए जाने के मुद्दे पर पूर्व विधायक विक्रम सैनी ने भारतीय विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट जारी कर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं को “दोगला” और “गद्दार” बताते हुए आरोप लगाया कि उनके बयानों का इस्तेमाल पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के खिलाफ किया।
पूर्व विधायक विक्रम सैनी ने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र संघ में पहलगाम आतंकी हमले पर भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव में यह उल्लेख किया गया था कि आतंकियों ने धर्म पूछकर हिंदू पर्यटकों की हत्या की थी। उनके अनुसार पाकिस्तान ने भारतीय विपक्षी नेताओं के ट्वीट, वीडियो और बयानों का हवाला देकर इस क्लॉज को हटवाने की कोशिश की, जिसमें उसे सफलता मिली।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला कर दिया था। इस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक सहित कुल 26 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल बन गया था। हमले के जवाब में भारत ने 6 और 7 मई 2025 की रात “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान के तहत पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर प्रिसिजन स्ट्राइक की गई थी। इस अभियान को आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी कार्रवाई माना गया।

इसी घटनाक्रम के संदर्भ में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ में रिपोर्ट और निंदा प्रस्ताव पेश किया था। विक्रम सैनी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के सार्वजनिक बयानों को आधार बनाकर पाकिस्तान ने प्रस्ताव में से “धर्म पूछकर हत्या” वाला उल्लेख हटवाया है। अपनी फेसबुक पोस्ट में विक्रम सैनी ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तथा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समेत अन्य नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष के ऐसे बयान देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को कमजोर करते हैं।
पोस्ट में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत द्वारा पहलगाम हमले में जो निंदा प्रस्ताव पेश किया गया उसमें पाकिस्तान एक क्लाज डलवाने में सफल रहा कि ष्आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर नहीं मारा…! ऐसा करने के लिए पाकिस्तान ने भारत के 12 विपक्षी नेताओं के ट्वीट्स और वीडियो को सबूत के तौर पर दिखाया। उसके बाद चीन (जिसके पास वीटो पावर है) ने यह क्लाज संयुक्त राष्ट्र संघ के निंदा प्रस्ताव में से हटवा दिया कि मुस्लिम आतंकियों ने धर्म पूछ कर मारा…! अब आप सोचिए कि भारत का विपक्ष कांग्रेस, सपा, कितना नीच दोगला और गद्दार है!? विक्रम सैनी पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। कवाल कांड से जुड़े एक मामले में सजा मिलने के बाद वह सक्रिय राजनीति से दूर चल रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहते हैं, उनकी तीखी प्रतिक्रिया चर्चा में बनी रहती है।






