पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार की फेसबुक पोस्ट ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, इशारों में दिए संदेश के मायने तलाशने में जुटे सियासी पंडित
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में हाल ही में हुए मुख्यमंत्री के दौरे की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब एक सोशल मीडिया पोस्ट ने स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विकास योजनाओं की सौगात और सीएम की जनसभा की गूंज की खुमारी में खोये लोगों के बीच सत्तारूढ़ दल भाजपा के भीतर चल रही संभावित खींचतान को लेकर अब सियासी चटकारों के साथ भविष्य की सियासत पर आधारित अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दौरे की चर्चा लोगों के बीच अभी भी जारी है। नुमाइश मैदान की जनसभा, शिव चौक पर हुई राजनीतिक चुटकियां और अहिल्याबाई होल्कर स्मारक के लोकार्पण जैसे कार्यक्रमों की यादें लोगों के बीच ताजा हैं। कई लोगों ने इन पलों को अपनी आंखों में बसाया तो कई ने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। दौरे के दौरान होर्डिंग में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की तस्वीर नजर न आने को लेकर भी चर्चाएं रहीं। इसी बीच अब सत्तारूढ़ दल भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस सियासी हलचल के केंद्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार की एक फेसबुक पोस्ट आ गई है। पंवार ने सोशल मीडिया पर चार तस्वीरों के साथ एक कविता की चार पंक्तियां साझा की हैं, जिसने राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है। इस पोस्ट में शामिल चार तस्वीरों में से एक तस्वीर पर एक भाजपा नेता को लाल निशान के साथ उजागर करते हुए एक गंभीर इशारा किया है।
पोस्ट में उन्होंने कवि कुमार विश्वास की कविता में शामिल ये चार पंक्तियां लिखीं——–
“वक्त के क्रूर छल का भरोसा नहीं,
आज जी लो कि कल का भरोसा नहीं।
दे रहे हैं वह अगले जन्म की खबर,
जिनको अगले ही पल का भरोसा नहीं।”
इन पंक्तियों को लेकर राजनीतिक जानकार अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं। माना जा रहा है कि यह पोस्ट सीधे तौर पर न होकर इशारों में किसी सियासी असंतोष या अंदरूनी स्थिति की ओर संकेत कर रही है। पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीरों ने इस चर्चा को और हवा दी है। एक तस्वीर 13 अप्रैल को नुमाइश मैदान में हुई जनसभा की बताई जा रही है, जिसमें मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्री कपिल देव अग्रवाल का अभिवादन करते नजर आते हैं, वहीं पास में रालोद प्रमुख जयंत चौधरी खड़े दिखाई देते हैं। इसी तस्वीर में पीछे खड़े संजीव बालियान के सिर पर लाल रंग का ऐरो बनाया गया है, जिसे पोस्ट का सबसे अहम संकेत माना जा रहा है।

अन्य तस्वीरों में पंवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ देखा जा सकता है। यह तस्वीर उनके हालिया लखनऊ दौरे की बताई जा रही है। इस तस्वीर को उन्होंने 16 मार्च को अपनी फेसबुक आईडी पर पोस्ट की थी। इसमें वो सतीश महाना के साथ विधानसभा का भ्रमण कर रहे हैं, पूर्व विधायक विक्रम सैनी और अन्य नेता भी उनके साथ हैं। एक अन्य फोटो में वह खतौली से रालोद विधायक मदन भैया के साथ नजर आ रहे हैं, ये तस्वीर 3 अपै्रल को पोस्ट की गई थी, जबकि चौथी तस्वीर में उनका बेफिक्र और आत्मविश्वास से भरा अंदाज दिखाई देता है, जो किसी एयरपोर्ट की बताई जा रही है।
हालांकि, पोस्ट में किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है, लेकिन तस्वीरों के चयन और कविता की पंक्तियों के संयोजन ने इसे रहस्यमय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इशारा भूतकाल की किसी घटना, वर्तमान की किसी पीड़ा या भविष्य में संभावित सियासी समीकरणों से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, इस पोस्ट को लेकर भाजपा के भीतर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह जरूर है कि इशारों में कही गई बात ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में इसके और भी मायने निकाले जा सकते हैं।






