रालोद जिलाध्यक्ष और भाकियू नेत्री सहित कई नेताओं के खिलाफ दर्ज सात मुकदमों को वापस कराने की सीएम से मांग, गठबंधन के बाद सीएम तक पहुंची बात, राजपाल बालियान के प्रयास की हो रही सराहना
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के जिलाध्यक्ष संजय राठी, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, भाकियू की ‘धाकड़ छोरी’ सोहनबीरी सहित अन्य पार्टी नेताओं पर दर्ज सात मुकदमों को वापस कराने की मांग प्रदेश की योगी सरकार तक औपचारिक रूप से पहुंच गई है। जयंत चौधरी की पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन के बाद इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाते हुए सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपना पक्ष रखा और सपा व भाजपा की सरकारों में दर्ज हुए इन मुकदमों को वापस कराने की पहल की। इसे जिले के रालोद नेताओं के लिए एक बड़ी राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना विधानसभा से विधायक और यूपी विधानमंडल में रालोद दल के नेता राजपाल बालियान ने पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर रालोद एवं भाकियू के कुछ नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी का विशेषआग्रह किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के ही छपरौली विधायक अजय कुमार भी मौजूद रहे। पांच थानों में दर्ज इन कुल सात मुकदमों में छह केस सपा सरकार और एक मामला भाजपा की योगी सरकार के कार्यकाल में दर्ज हुए। इनमें एक मामला मंसूरपुर थाने में दर्ज हुआ, जो 21 साल से चल रहा है। इस थाने के चार मुकदमों को वापस कराने का प्रयास है।
राजपाल बालियान ने मुख्यमंत्री योगी को इन मुकदमों से सम्बंधित आग्रह के साथ अलग अलग चार प्रार्थना पत्र सौंपते हुए कहा कि पिछली सपा सरकार तथा वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में रालोद नेताओं, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और मंसूरपुर क्षेत्र के ग्रामीणों पर जो शासकीय मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें समाप्त किया जाना चाहिए। रालोद के विधानमंडल दल के नेता राजपाल ने बताया कि ये मुकदमे गन्ने के मूल्य निर्धारण, बकाया भुगतान और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर हुए प्रदर्शनों, चुनाव आचार संहिता तथा सड़क जाम की घटनाओं से संबंधित हैं। इन सभी मामलों में सरकार स्वयं वादी है।
उनका कहना है कि किसानों और स्थानीय लोगों ने अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई थी, लेकिन उन पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए। अब जबकि रालोद, भाजपा के साथ गठबंधन करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का घटक दल है, ऐसे में इन प्रकरणों की पुनर्समीक्षा अपेक्षित है। जिन प्रमुख लोगों पर मुकदमे दर्ज हैं, उनमें अजित राठी, संजय राठी, सुधीर भारतीय, हरेंद्र शर्मा, अभिषेक चौधरी गुर्जर और सोहनवीरी देवी के साथ ही सैंकड़ों अज्ञात ग्रामीण शामिल हैं। इनमें अकेले सुधीर भारतीय के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। भाजपा सरकार के दौरान डीएवी कॉलेज में एक छात्र को प्रवेश न दिए जाने के विरोध में किए गए प्रदर्शन के बाद उन पर मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
जिले के पांच थानों में दर्ज हैं ये सात मुकदमे, मन्सूरपुर के चार केस
रालोद विधायक राजपाल बालियान ने 20 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर जिन मुकदमों की वापसी के लिए आग्रह किया, उनमें थाना मंसूरपुर में ग्राम सोन्टा निवासी संजय राठी, जो वर्तमान में रालोद जिलाध्यक्ष हैं के खिलाफ धारा-147, 148, 188, 341, 283 आई0पी0सी0 व 7 सी0एल0 एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा सं0-633/2013, थाना मंसूरपुर में पंकज राठी आदि के खिलाफ राजनैतिक व चुनाव प्रचार से संबन्धित धारा-147, 149, 188, 341 आई०पी०सी० व 7 सी0 एल0 एक्ट के अन्तर्गत दर्ज मु0अ0सं0-59/2014,थाना मंसूरपुर में जितेन्द्र कुमार आदि के खिलाफ धारा-147, 148, 149, 332, 353, 117 एफ० आई०पी०सी० व 7 सी0एल0 एक्ट व 132, 134 बी0 135 ए0 135 डी0 के अन्तर्गत दर्ज मुकदमा सं0-413/2005, थाना मंसूरपुर में सोहनबिरी आदि के खिलाफ धारा-147, 342, 427, 323, 335 आई0पी0सी0 के अन्तर्गत दर्ज मु0अ0सं0-414/2009 शामिल हैं।
इसके अलावा थाना खतौली में अभिषेक चौधरी पुत्र बलवीर सिंह, निवासी सुभाषनगर नई मण्डी और तत्कालीन रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक के खिलाफ धारा-171 एच0, 188 के अन्तर्गत दर्ज मुकदमा सं0-581/2022, थाना तितावी में तत्कालीन रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक पुत्र बुद्धसिंह निवासी ग्राम पीनना के खिलाफ धारा 188, 171 एच, 323/353/504 आईपीसी के अन्तर्गत दर्ज मु0अ0सं0 599/2015, थाना सिविल लाइन में पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरेन्द्र शर्मा और संजय राठी आदि के खिलाफ धारा-353, 332, 506, 147, 148, 427, 120 बी के अन्तर्गत दर्ज मुकदमा सं0-729/2016 और थाना सिखेड़ा में सतीश कुमार आदि के खिलाफ धारा-147, 148, 149, 341, 505, 506 आईपीसी व 7 सीएलएक्ट के अन्तर्गत दर्ज मु0अ0सं0-200/2016 शामिल हैं।
कार्यकर्ताओं का सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य: राजपाल बालियान
रालोद विधायक राजपाल बालियान ने मुकदमे वापसी के प्रयास को लेकर कहा कि पार्टी नेता जयंत चौधरी के संदेश के साथ उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की। इस दौरान किसानों और क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मुकदमे वापस लेने का आग्रह किया। हमने जिन मुकदमों की वापसी का प्रयास किया, वो अपराधिक नहीं है, राजनैतिक और चुनाव सम्बंधी केस हैं। हम जयंत चौधरी के नेतृत्व में जनहित और किसानों के सम्मान की आवाज को सदैव मजबूती से उठाते रहेंगे। प्रत्येक कार्यकर्ता जनसेवा और किसानों के अधिकारों की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। कार्यकर्ताओं का सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। आशा है कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी। कहा कि सभी कार्यकर्ताओं का संघर्ष, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।






