कानपुर। वीआईपी रोड पर हुई लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कार्रवाई करते हुए कई दिनों से फरार चल रहे शिवम को दबोच लिया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि 8 फरवरी की दोपहर वीआईपी रोड पर शिवम की लैंबॉर्गिनी कार बुलेट और एक ऑटो से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में चार लोग घायल हुए थे। घायल मोहम्मद तौफीक ने ग्वालटोली थाने में हिट-एंड-रन का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में दो अलग-अलग अर्जियां कोर्ट में दाखिल की गई थीं। एक अर्जी शिवम की ओर से थी, जिसमें कार से हादसा न होने और भीड़ द्वारा वाहन का शीशा तोड़े जाने की बात कही गई थी। दूसरी अर्जी कथित ड्राइवर मोहन एम. की थी, जिसने खुद को घटना के समय चालक बताया और सरेंडर की इच्छा जताई।
हालांकि, ग्वालटोली पुलिस की रिपोर्ट में मोहन का नाम जांच में सामने नहीं आया। इस आधार पर एसीजेएम कोर्ट ने सरेंडर अर्जी खारिज कर दी।
पुलिस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि डीएल 11 सीएफ 4018 नंबर की लैंबॉर्गिनी से अपराध कारित हुआ है और चालक के रूप में शिवम मिश्रा का नाम सामने आया है। अदालत ने शिवम को वाहन से जुड़े सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही थाना प्रभारी को कार का परीक्षण कर 13 फरवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं।
इस बीच, वादी मोहम्मद तौफीक ने कोर्ट में एक समझौता पत्र भी दाखिल किया है। उनका कहना है कि हादसे में पैर में चोट आई थी, जिसका इलाज हो चुका है और अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है। तौफीक ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।






