लखनऊ राष्ट्र प्रेरणा स्थल गमले चोरी का मामला सामने आने के बाद राजधानी की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए राष्ट्र प्रेरणा स्थल से कुछ ही घंटों के भीतर सजावट में लगाए गए गमले कार और स्कूटी पर ले जाए गए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का भव्य उद्घाटन किया था। इस मौके पर पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को फूलों, पौधों और आकर्षक गमलों से सजाया गया था। उद्घाटन समारोह समाप्त होने और प्रधानमंत्री के रवाना होने के कुछ ही समय बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने सजावट में लगे गमले उठाकर ले जाना शुरू कर दिया।
कार और स्कूटी से ले जाए गए गमले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोग कार और स्कूटी से आए और गमले उठाकर बिना किसी रोक-टोक के चले गए। बताया जा रहा है कि एक-एक गमले की कीमत करीब 90 से 100 रुपये के बीच है। हालांकि संख्या कम दिख सकती है, लेकिन यह सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा मामला है।
मौके पर पुलिस मौजूद, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटनास्थल पर पुलिसकर्मी भी तैनात थे। इसके बावजूद किसी को रोका नहीं गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और किसी प्रकार की सख्ती नहीं दिखाई गई।
मामला सामने आने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम सक्रिय हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रेरणा स्थल पर बचे हुए गमलों को हटवा दिया गया। साथ ही CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि गमले चोरी करने वालों की पहचान की जा सके।
LDA अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच के बाद संबंधित थाने में FIR दर्ज कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी दे चुके हैं मुख्यमंत्री योगी चेतावनी
गौरतलब है कि इससे पहले G-20 कार्यक्रम के बाद भी लखनऊ में गमले चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि लोग महंगी गाड़ियों से उतरकर सार्वजनिक स्थानों से गमले उठा ले जाते हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
सीएम योगी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। बावजूद इसके, राष्ट्र प्रेरणा स्थल की घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “नागरिक जिम्मेदारी की कमी” बताया है, जबकि कुछ ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।






