एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका पर आपत्तिजनक सामग्री, किताबें वापस लेने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय संकट पर जताई गई चिंता, जजों की टिप्पणी और बाढ़-भूस्खलन से प्रभावित पहाड़ी इलाका।

एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने इसे “गहरी और सोची-समझी साजिश” करार देते हुए जांच के निर्देश दिए। कोर्ट ने सभी प्रतियां वापस लेने और दो सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए जिम्मेदार एनसीईआरटी ने वेबसाइट से पुस्तक हटाने के कुछ घंटों बाद ही उसका वितरण भी रोक दिया। संस्था ने ‘अनुचित सामग्री’ के लिए माफी मांगते हुए कहा है कि संबंधित पुस्तक को उपयुक्त अधिकारियों के परामर्श से फिर से लिखा जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक के एक अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित सामग्री पर आपत्ति जताई गई। शीर्ष न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा,

इसे भी पढ़ें:  मराठा आरक्षण आंदोलन में बड़ी जीत: मनोज जरांगे के संघर्ष के बाद सरकार ने जारी किया हैदराबाद गजट

यह हमारी संस्थागत जिम्मेदारी है कि हम यह पता लगाएं कि यह किताब में प्रकाशित हुआ था या नहीं… यह एक गहरी साजिश थी।” उन्होंने एक दिन पहले ही संबंधित अध्याय पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि अदालत को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। एनसीईआरटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुओ मोटो मामले में माफी मांगी। इस पर सीजेआई ने टिप्पणी की कि नोटिस में माफी का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि अध्याय तैयार करने वाले दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा, जिन 2 लोगों ने चैप्टर लिखा है, वो कभी यूजीसी या किसी मंत्रालय के साथ काम नहीं कर सकेंगे।”

इस पर सीजेआई ने कहा, यह तो बहुत आसान होगा और वो बच निकलेंगे… उन्होंने गोली चलाई और न्यायपालिका का खून बह रहा है।”  सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह एक सोची-समझी चाल है, जिसके माध्यम से पहले शिक्षकों, फिर छात्रों और अंततः अभिभावकों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि भारतीय न्यायपालिका भ्रष्ट है और मामले लंबित हैं। उन्होंने चेतावनी दी, यदि इसे बिना रोक-टोक जारी रहने दिया गया, तो यह युवाओं के कोमल दिमाग में न्यायिक पद की पवित्रता को खत्म कर देगा।”

इसे भी पढ़ें:  तियानजिन SCO समिट में भारत की बड़ी सफलता, साझा बयान में गूंजा आतंकवाद पर भारतीय रुख

डिजिटल सामग्री हटाने के भी निर्देश

जस्टिस जॉयमाला बागची ने कहा कि कुछ सामग्री डिजिटल डोमेन पर भी मौजूद है और वहां का नजरिया एकतरफा है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की उस भूमिका का कोई उल्लेख नहीं है, जहां वह मौलिक अधिकारों की रक्षक है या मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करती है। कोर्ट ने इंटरनेट से संबंधित सामग्री हटाने के आदेश देने की भी आवश्यकता जताई। सीजेआई ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर सुनिश्चित करने को कहा कि किताब की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी, दोनों को हर जगह से हटा लिया जाए। अदालत ने दुकानों और स्कूलों से भी पुस्तकें वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदेश दिया,  “सभी राज्यों के शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव 2 सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें।”

इसे भी पढ़ें:  राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, बोले—“विदेश नीति पूरी तरह विफल हो चुकी है”

स्वतः संज्ञान कैसे लिया गया?

सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका के बारे में ‘आपत्तिजनक’ सामग्री का स्वतः संज्ञान लिया। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले की गहरी जांच होगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी। अदालत ने कहा कि केस को बंद नहीं किया जाएगा और संस्थागत गरिमा से कोई समझौता नहीं होगा। एनसीईआरटी ने माफी मांगते हुए किताब को पुनर्लेखन का फैसला किया है, लेकिन अदालत की निगरानी में अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जाएगी।

Also Read This

खतौली मंगलसूत्र चोरी से महिला दहशत में

खतौली मंगलसूत्र चोरी का मामला सामने आया है, जहां रसम पगड़ी में शामिल होने जा रही एक महिला से ई-रिक्शा में सफर के दौरान मंगलसूत्र चोरी कर लिया गया। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पारूल पत्नी अभिषेक, निवासी नई मंडी, मुजफ्फरनगर, अपने परिवार के साथ बस से खतौली पहुंची थीं। कैसे हुई खतौली मंगलसूत्र चोरी? खतौली चौराहे से पारूल फलावदा रोड की ओर रसम पगड़ी में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुईं। उसी ई-रिक्शा में दो अन्य महिलाएं भी बैठीं। आरोप है कि सफर के दौरान उन्हीं दोनों महिलाओं ने मौका पाकर

Read More »

न्यायपालिका में ‘भ्रष्टाचार’ पर अध्याय वाली एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक पर प्रतिबंध 

नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर

Read More »

देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन सबसे बड़ा अपराध : राहुल

दिल्ली-  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश में भारतीय जनता पार्टी के शासन में शांतिपूर्ण विरोध करना सबसे बड़ा अपराध बना गया है। श्री गांधी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है। श्री गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि कोई नागरिक संवैधानिक तरीके से सत्ता के खिलाफ आवाज़ उठाता है, तो उसके हिस्से में लाठीचार्ज, मुकदमे और जेल ही आते हैं। उन्होंने विभिन्न आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि

Read More »

रोटरी चैम्बर होली कार्यक्रम में झूमे सदस्य परिवार

मुज़फ्फरनगर में 25 फरवरी 2026 को आयोजित रोटरी चैम्बर होली कार्यक्रम ने प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। शौर्य फार्म्स एंड बैंक्वेट हॉल, रूरकी रोड पर हुए इस भव्य आयोजन में शहर के प्रतिष्ठित सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ वरिष्ठ रोटेरियन डॉ ईश्वर चंद्रा, रीजनल कोर्डिनेटर अनिल सोबती, अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, सचिव गौरव गुप्ता, अरुण खंडेलवाल, श्याम मल्होत्रा और पवन जैन द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। आस्थाओं का पाठ चेतना सेठी ने किया, जबकि संचालन अपने चुटीले अंदाज़ में राजेंदर सिंघल ने संभाला। इसे भी पढ़ें:  तियानजिन SCO समिट में भारत की बड़ी सफलता, साझा बयान में गूंजा आतंकवाद पर भारतीय

Read More »

चंद्रशेखर आजाद की नजर हस्तिनापुर विधानसभा सीट 2027 पर

मेरठ | 26 फरवरी 2026 — हस्तिनापुर विधानसभा सीट 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल दिखाई दे रही है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के इस सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने पश्चिमी यूपी के राजनीतिक समीकरणों को केंद्र में ला दिया है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों ने संकेत दिए हैं कि 2027 का मुकाबला यहां दिलचस्प हो सकता है। चंद्रशेखर आजाद वर्तमान में बिजनौर की नगीना लोकसभा सीट से सांसद हैं। चर्चा है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी जन्मभूमि सहारनपुर या कर्मभूमि

Read More »

रामराज बाजार हत्या कांड: पत्नी विवाद में सरेआम गोलियां

रामराज बाजार हत्या कांड ने मेरठ जनपद को दहला दिया। बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज मुख्य बाजार में बुधवार दोपहर प्रदीप धीमान ने सरेआम सुनील उर्फ सुरेंद्र उर्फ गाबा (28) को कमर और कनपटी समेत चार गोलियां मार दीं। वारदात के बाद आरोपी ने वीडियो बनाकर जुर्म कबूल किया और पुलिसकर्मियों को भी धमकी दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह आरोपी को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तमंचा बरामद किया गया है। पत्नी विवाद बना हत्या की वजह पुलिस के अनुसार, डेढ़ साल पहले सुनील, प्रदीप धीमान की पत्नी को अपने साथ ले गया था। दोनों पिछले डेढ़ साल से साथ रह रहे थे और कोर्ट मैरिज की

Read More »