साल 2022 में ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में पूजा का अधिकार देकर सुर्खियों में आये थे न्यायाधीश दिवाकर
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर लगातार आए अपने फैसलों के कारण एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने न केवल पीड़ितों में न्याय की उम्मीद को पंख दिए हैं बल्कि न्यायिक हलकों में लंबित फैसलों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
6 अप्रैल से 2 जुलाई 2026 के बीच उन्होंने पांच अलग-अलग हत्या के मामलों में 11 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। लगातार आए इन फैसलों ने प्रदेशभर में ध्यान आकर्षित किया है। रवि कुमार दिवाकर इससे पहले वाराणसी में भी सुर्खियों में रहे थे। वर्ष 2022 में उन्होंने ज्ञानवापी परिसर में श्रृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन और सर्वे से संबंधित प्रकरण में अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करने का आदेश दिया था। बाद में यह मामला उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा। इसके बाद उनका तबादला बरेली हुआ, जहां उन्हें सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। अभी हाल ही में वो इसलिए भी सुर्खियों में आए कि उन्होंने असुरक्षा की आशंका के साथ एसएसपी को पत्र भेजकर सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है।
हत्या के इन मामलों में सुनाई सजा-ए-मौत
1. एडवोकेट समीर सैफी हत्याकांड (6 अप्रैल 2026)
15 अक्टूबर 2019 को 40 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने दोष सिद्ध आरोपी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज को मृत्युदंड सुनाया। एक अन्य दोषी दिनेश को सात वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
2. शेखर हत्याकांड (28 अप्रैल 2026)
भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर की वर्ष 2019 में 70 हजार रुपये के लेन-देन के विवाद में हत्या कर दी गई थी। अदालत ने दोषी पाये गये 60 वर्षीया मुकेश उर्फ बिट्टो और उसके तीन पुत्रों प्रदीप, संदीप और सोनू को सजा-ए-मौत सुनाई।
3. राजेश देवी और मासूम हिमांशु हत्याकांड (30 मई 2026)
चरथावल क्षेत्र में वर्ष 2011 में राजेश देवी और उनके बेटे हिमांशु की प्रेम प्रसंग में अवैध सम्बंध के दबाव को खत्म करने के लिए हत्या के मामले में अदालत ने दोषी रईस को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
4. राजेंद्र सैनी हत्याकांड (20 जून 2026)
ककरौली निवासी राजेंद्र सैनी की वर्ष 2018 में हत्या कर शव को जलाने के मामले में अदालत ने दोषी रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को फंासी की सजा सुनाई। मामले के एक आरोपी वीरसैन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
5. होमगार्ड रतिराम हत्याकांड (2 जुलाई 2026)
बुढ़ाना मोड़ पर वर्ष 2020 में गश्त के दौरान होमगार्ड रतिराम की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी दीपक को मृत्युदंड दिया है।






