हरबीर मलिक और राजपाल सैनी के सपा ज्वाइन करने के बाद भाजपा नेता की फेसबुक पोस्ट ने जिले में बढ़ाई नई सियासी हलचल
मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी के नेता और आरएसएस के समर्पित एवं मजबूत कार्यकर्ता संजय अग्रवाल के भाजपा छोड़ने की चर्चा तेजी से जोर पकड़ रही है, इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उनकी एक पोस्ट को भी कारण बताकर लोग अपनी अपनी राय तर्क और दावे पेश कर रहे हैं। हालांकि संजय अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि वो भाजपा हैं, संघ के सिपाही हैं और एक कार्यकर्ता के रूप में तीसरी बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने और प्रचंड बहुमत दिलाने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ जनता के बीच परिश्रम कर रहे हैं और करते रहेंगे।
यहां हम उल्लेख कर रहे हैं कि संजय अग्रवाल के भाजपा छोड़ने की चर्चा ने आखिर जोर क्यों पकड़ा है, दरअसल उनके द्वारा अपनी फेसबुक वॉल से एक पोस्ट की गई है, इसमें उन्होंने जनपद शामली के भाजपा जिलाध्यक्ष रामजी लाल कश्यप का वो पत्र भी शामिल किया है, जिसमें उनके द्वारा करीब 30 साल से भाजपा में रहकर सेवा करने वाले हरबीर मलिक के निष्कासन को लेकर जारी किया
संजय अग्रवाल ने अपनी इस पोस्ट में लिखा है, कि बड़े ही दुख का विषय है की भाजपा के पूर्व विधायक प्रदीप बालियान ने पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और बीजेपी को अलविदा कह दिया। आज यानि शुक्रवार को पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने भी अपने पुत्र के साथ भाजपा को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। ऐसा ही आज शामली जिले के अंदर हुआ भारतीय जनता पार्टी के बहुत ही पुराने कार्यकर्ता और मेरे बड़े भाई और मित्र हरवीर मलिक ने भी भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया ।

सोचने का विषय है की क्यों भारतीय जनता पार्टी के पुराने वफादार लोग जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी को यहां तक पहुंचाने के लिए अपना खून पसीना एक किया, सड़कों पर रहकर आंदोलन किया, हमेशा पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम किया और ऐसे पुराने कार्यकर्ताओं के कारण ही आज पार्टी केंद्र और प्रदेश में सत्ता में है, तो ऐसा क्या हुआ कि यह पुराने भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी को छोड़कर जा रहे हैं? मेरा हाई कमान से निवेदन है कि वह तत्काल आत्म चिंतन करें और पुराने कार्यकर्ताओं का विश्वास दोबारा से कैसे पार्टी को प्राप्त हो उस पर कार्य करें। जय भाजपा विजय भाजपा। उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार। इस बार 350 करें हम पार।

संजय अग्रवाल के द्वारा भाजपा में बड़े स्तर पर हो रही इस सियासी टूट को लेकर की गई पोस्ट में जताई गई पीड़ा और उठाये गये उनके सवालों को लेकर ही पार्टी से उनकी बगावत के रूप में कुछ लोग अब समाज में पेश कर रहे हैं। दावा किया है कि संजय अग्रवाल भी भाजपा छोड़ रहे हैं। जबकि कुछ लोगों का यह दावा है कि वो भाजपा नहीं छोड़ेंगे। संजय अग्रवाल ने बचपन से ही अपने घर आंगन में जनसंघ, आरएसएस और भाजपा का झंडा देखा है। वो सरस्वती शिशु मंदिर के रूप में एक विद्यालय का संचालन करते हैं। मुजफ्फरनगर पालिका में चेयरमैन पद पर भाजपा के टिकट से अंजू अग्रवाल के समक्ष चुनाव लड़ चुके हैं और मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट से भी पार्टी के मजबूत दावेदारों में शामिल रहे हैं। ऐसे में उनका भाजपा से मोहभंग होने के दावों में अधिकांश लोगों को कोई दम नहीं लग रहा है, लेकिन कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि जब भाजपा को तीन दशक देने वाले हरबीर मलिक समाजवादी हो सकते हैं, तो कुछ भी हो सकता है। हालांकि संजय अग्रवाल एक कार्यकर्ता के रूप में यूपी में भाजपा की तीसरी प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाने में काम करने की बात ही कहते हैं।
