शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को लालगंज में कहा कि गाय के मांस से आय करने वालों को सनातन समाज कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने गौ माता के सम्मान को सनातन समाज की आस्था से जुड़ा बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति गौ माता को मानता है, वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लालगंज पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने मीडिया और अनुयायियों को संबोधित करते हुए कई सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
बृजेंद्र नगर के दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज में बटुकों के साथ हुई मारपीट और उनकी चोटी खींचने की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बटुकों की चोटी सनातन धर्म की ध्वजा के समान है और उसे खींचना सनातन धर्म की ध्वजा पर प्रहार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि बटुकों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यदि ऐसी घटना किसी विधर्मी द्वारा की जाती तो समझ में आता, लेकिन जो लोग स्वयं को हिंदू कहते हैं और हिंदुओं के वोट से सत्ता में आते हैं, उन्हीं के शासन में ऐसी घटनाएं होना चिंता का विषय है।
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौ प्रतिष्ठा को लेकर धर्मयुद्ध का शंखनाद हो चुका है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को लखनऊ के मान्यवर कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में गौ माता को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील भी की। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेसी नेता महेश प्रसाद शर्मा ने किया। इस अवसर पर राघवेंद्र सिंह, सुमित यादव, राजेंद्र चौहान, नीरज सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम में भाग लिया।






