किसान संगठनों ने डीएम-एसएसपी के समक्ष रखी एसओ को हटाने की मांग, 14 मार्च को एक ही गांव में दो महापंचायत के ऐलान से प्रशासन की चिंता बढ़ी
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के नसीरपुर गांव में हुए विवाद के बाद जिले में सामाजिक तनाव गहराता जा रहा है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद पनपे आक्रोश में किसान संगठनों की एंट्री और 14 मार्च को एक ही गांव में दो अलग-अलग महापंचायतों के ऐलान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस टकराव और महापंचायतों को टालने की कोशिश में जुटे बड़े किसान नेताओं और आला अधिकारियों के बीच हुई वार्ता भी बेनतीजा रही।
थाना तितावी क्षेत्र के गांव नसीरपुर में एक मामूली विवाद अब बड़े सामाजिक टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। गाड़ी और भैंसा-बुग्गी हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी अब दो समुदायों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। एक ओर इस मारपीट प्रकरण में आरोपी बनाये गये भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने 14 मार्च को सम्मान बचाओ महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है, वहीं कश्यप समाज ने भी उसी दिन नसीरपुर में ही पीड़ित के समर्थन में पंचायत करने की घोषणा कर दी है। इससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
नसीरपुर में प्रस्तावित पंचायत को लेकर तैयारियों के बीच भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा से मुलाकात कर मामले को लेकर चर्चा की। इस दौरान तितावी थाना प्रभारी पर लापरवाही और पक्षपात के आरोप लगाए गए तथा उन्हें हटाने की मांग की गई, लेकिन वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
ठाकुर पूरन सिंह ने आरोप लगाया कि तितावी थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली से क्षेत्र में माहौल बिगड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 मार्च की महापंचायत सम्मान बचाने के लिए आयोजित की जा रही है और इसे किसी भी हाल में टाला नहीं जाएगा। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी पूरन सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग क्षेत्र में माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने जनपद के पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई।
6 मार्च को नसीरपुर गांव में गाड़ी और भैंसा-बुग्गी हटाने को लेकर ठाकुर पूरन सिंह और कश्यप समाज के युवक दुष्यंत के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इस दौरान पूरन सिंह के बेटों और भाई ने दुष्यंत के साथ मारपीट कर दी, जिसमें वह घायल हो गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए पूरन सिंह के बेटे और भाई सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब एक ही दिन और एक ही गांव में दो महापंचायतों के ऐलान से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। खुफिया विभाग को अलर्ट कर दिया गया है और तितावी क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर माहौल शांत रखने की कोशिश में जुटा है।
कश्यप समाज के तेवर सख्त, पूरन बोले-नहीं मांगूंगा माफी
इस घटना के बाद कश्यप समाज में नाराजगी देखी जा रही है। गांव अलीपुर खुर्द (तिरपड़ी) में आयोजित हुई पंचायत में समाज के लोगों ने इसे सम्मान का मुद्दा बताया। पंचायत में मांग की गई कि ठाकुर पूरन सिंह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। समाज के नेताओं ने साफ कहा कि यदि 14 मार्च को ठाकुर पूरन सिंह नसीरपुर में पंचायत करेंगे तो उसी दिन कश्यप समाज भी बड़ी संख्या में जुटकर अपनी महापंचायत करेगा। इस दौरान खाप चौधरी ओमप्रकाश कश्यप, इंजीनियर देवेंद्र कश्यप, ग्राम प्रधान नीरज कश्यप और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष सागर कश्यप सहित कई लोग मौजूद रहे। दूसरी ओर किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अपने बेटों को जेल भेजकर उन्होंने उसी दिन समझौता कर लिया था, इसलिए अब माफी मांगने का सवाल नहीं उठता। उनका कहना है कि हमारी लड़ाई किसी समाज से नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई से है।






