लखनऊ। शाइन सिटी घोटाला राशिद नसीम गिरफ्तार होने की खबर से निवेश धोखाधड़ी मामले में बड़ा मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर संयुक्त अरब अमीरात में दुबई से राशिद नसीम को हिरासत में लिया गया है। वह शाइन सिटी ग्रुप के प्रमोटर हैं और करीब 800 से 1000 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी हैं। लखनऊ की विशेष अदालत पहले ही उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर 127.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दे चुकी है।
554 मामलों के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 554 मामलों के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि शाइन सिटी समूह ने रियल एस्टेट योजनाओं और मल्टी-लेवल मार्केटिंग के जरिए ऊंचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी रकम जुटाई। जांच एजेंसी के अनुसार, समन जारी होने के बावजूद राशिद नसीम ने जवाब नहीं दिया और नेपाल के रास्ते भारत छोड़कर दुबई चले गए। अप्रैल 2025 में लखनऊ की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत अपराधी घोषित किया था। दिसंबर 2025 में अदालत ने उनकी 127.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया। जनवरी 2026 में ईडी ने उनके खिलाफ विस्तृत डोजियर यूएई अधिकारियों को सौंपा था। गिरफ्तारी के बाद अब भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
सस्ते प्लॉट का सपना, करोड़ों की ठगी
राशिद नसीम मूल रूप से प्रयागराज के करेली क्षेत्र के निवासी हैं। वर्ष 2013 में उन्होंने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की और गोमती नगर में कार्यालय खोला। आरोप है कि कंपनी के पास जमीन नहीं थी, फिर भी किसानों के खेतों में होर्डिंग लगाकर उन्हें प्रोजेक्ट साइट बताया जाता था। किसानों को इसके बदले 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे। निवेशकों को सस्ते प्लॉट और फ्लैट का सपना दिखाकर बुकिंग और आसान किस्तों के नाम पर बड़ी रकम जुटाई गई।
देशभर में हजारों मामले
लखनऊ के गोमती नगर थाने में सैकड़ों मुकदमे दर्ज हैं। प्रदेश भर में कंपनी पर लगभग तीन हजार से अधिक मामले बताए जाते हैं। दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी और महाराष्ट्र तक शिकायतें दर्ज हुईं। दावा है कि देशभर में 10 लाख से अधिक निवेशक प्रभावित हुए। मामले की जांच ईओडब्ल्यू और ईडी कर रही हैं। जांच एजेंसियां अब राशिद नसीम के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की विस्तृत जांच में जुटी हैं






