गंभीर बीमारी के चलते गर्भाशय निकलने के बाद भी प्रेमी रोहित करना चाहता था शादी, परिजनों ने तय किया था दो बच्चों के पिता से रिश्ता
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद के जानसठ क्षेत्र के गांव भलवा में घटित प्रेमी युगल हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रोहित और प्रगति की दर्दनाक मौत के बाद जहां गांव में मातम पसरा है, वहीं इस सनसनीखेज मामले में अब एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं। प्रेम, परिवार की बंदिशें और सामाजिक दबाव के बीच पनपी यह कहानी आखिरकार खूनी अंजाम तक कैसे पहुंची, इसे लेकर ग्रामीणों और परिजनों में कई तरह की चर्चाएं जारी हैं।

थाना जानसठ क्षेत्र के गांव भलवा में रोहित और प्रगति की प्रेम कहानी बीते दो वर्षों से चर्चा का विषय बनी हुई थी। दोनों के घर आमने-सामने होने के बावजूद सामाजिक बंदिशों और परिजनों की सख्ती के चलते उनका मिलना-जुलना बेहद सीमित था। करीब दो साल पहले प्रगति एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए गुरुग्राम चली गई। इसी दौरान रोहित भी कभी रोडवेज में परिचालक तो कभी निजी कंपनी में नौकरी के बहाने गुरुग्राम आता-जाता रहा। इसी दौरान दोनों का प्रेम और गहरा हो गया। परिजनों को जब इस रिश्ते की जानकारी हुई तो दोनों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई भी अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं था। पिछले साल भी दोनों की शादी अलग-अलग जगह तय की गई, लेकिन दोनों ने इनकार कर दिया। इस बार परिवारों ने निर्णय लिया कि पहले प्रगति की शादी कर दी जाए, उसके बाद रोहित का रिश्ता तय होगा।

रोहित की बरात 28 फरवरी को तिगाई गांव जानी थी, लेकिन ऐन वक्त पर उसने शादी से इनकार कर दिया। उसने साफ शब्दों में कह दिया कि वह सिर्फ प्रगति से ही शादी करेगा। लाख समझाने के बावजूद जब रोहित नहीं माना तो परिजनों ने 15 दिन पहले उसका रिश्ता तोड़ दिया। रोहित की शादी टूट चुकी थी। उधर, प्रगति के घर में उसके विवाह की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया था। प्रगति ने भी परिजनों से पहले शादी न करने के लिए बात कही थी, लेकिन परिजनों के दबाव में वो अपनी प्रेम कहानी को खत्म कर शादी के लिए तैयारी हो चुकी थी, प्रगति की हां के बाद उसकी शादी 8 फरवरी को तय हो चुकी थी।

प्रेमिका की शादी की तारीख नजदीक आते ही रोहित बेचैन रहने लगा। गुरुवार की शाम इस प्रेम कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया। आरोप है कि रोहित प्रगति के घर पहुंचा, उसे कमरे में बंद किया और पहले उसकी हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गला रेतकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रगति और रोहित की अफसल प्रेम कहानी का खौफनाक अंत हो चुका था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने प्रेमी युगल रोहित और प्रगति के शव उनके परिजनों को सौंप दिए। गम और सन्नाटे के बीच जब दोनों के शव गांव भलवा लाए गए, तो किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे गांव में पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक पुलिसकर्मी परिजनों के साथ मौजूद रहे। गांव में शोक का माहौल इतना गहरा था कि हर आंख नम और हर चेहरा स्तब्ध नजर आया।

इस सनसनीखेज प्रेमी युगल कांड में अब एक ऐसा तथ्य सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। ग्रामीणों की दबी जुबां से यह बात पुख्ता तौर पर सामने आई है कि प्रगति कभी मां नहीं बन सकती थी। बताया जा रहा है कि कुछ समय पूर्व वह एक गंभीर बीमारी की चपेट में आ गई थी। उसकी जान बचाने के लिए परिजनों को तत्काल ऑपरेशन कराना पड़ा, जिसमें चिकित्सकों को उसका गर्भाशय निकालना पड़ा। इस शारीरिक कमी के बावजूद रोहित का प्रगति के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ और वह हर हाल में उससे विवाह करने के लिए तैयार था। हालांकि, दोनों के परिजन इस रिश्ते को लेकर सहमत नहीं थे और उनका विरोध लगातार बना रहा।

इसी बीच सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि प्रगति का रिश्ता जिस युवक से तय किया गया था, वह दो बच्चों का पिता है और उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। उसकी पत्नी का पूर्व में निधन हो चुका है, जिसके चलते परिजनों ने प्रगति की शादी उससे तय कर दी थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरा मामला बेहद संवेदनशील है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऑपरेशन की बात की पुष्टि भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही हो पायेगी।






