सपा महासचिव हरेन्द्र मलिक ने डीएम के बयान पर उठाये सवाल, कहा-विदेशी को किसी भी लिस्ट में वोटर नहीं बनाया जा सकता
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एसआईआर अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग, योगी सरकार और जिला प्रशासन पर बड़ा हमला बोलते हुए इसे वोटर सूचियों में कटौती की सुनियोजित साजिश बताते हुए इसे देश के लिए दुर्भाग्य पूर्ण फैसला करार दिया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता एक-एक वोट की रक्षा के लिए तैयार रहें, क्योंकि आगामी दिनों में बड़े पैमाने पर मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा के बयान की भी निंदा करते हुए कहा कि वो जनता को बतायें कि पंचायत चुनाव में क्या किसी विदेशी को वोटर के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है?

महावीर चौक स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सोमवार को आयोजित एसआईआर अभियान की समीक्षा करने सपा के एसआईआर प्रभारी राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर भुवन जोशी और सपा महासचिव हरेन्द्र मलिक भी पहुंचे। अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट व संचालन सपा राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा द्वारा किया गया। यहां सांसद हरेन्द्र मलिक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार, प्रशासन और चुनाव आयोग पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर जैसे अभियान के नाम पर आम नागरिकों को डराया जा रहा है और मतदाता सूची में कटौती की जमीन तैयार की जा रही है। सांसद श्री मलिक ने दावा किया कि एसआईआर के कार्यान्वयन में मुजफ्फरनगर जिले ने पार्टी स्तर पर पूरे प्रदेश में पहली पोजिशन हासिल की है। यहां के कार्यकर्ताओं और बीएलए ने शानदार काम किया है। समाजवादी पार्टी के हर कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर ने हमेशा अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है।

जिलाधिकारी के इस बयान कि प्रधानी व जिला पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट पर एसआईआर का असर नहीं पड़ेगा, पर भी मलिक ने कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत का नागरिक न होने वाले व्यक्ति की वोट क्या पंचायत चुनाव की सूची में बनी रह सकती है? डीएम सार्वजनिक रूप से बताएं कि विदेशी नागरिक को क्या स्थानीय निकाय चुनावों में वोटर बनाए रखने का कोई प्रावधान है? उन्होंने इसे प्रशासन द्वारा जनता को गुमराह करने का प्रयास बताया। सपा महासचिव हरेन्द्र मलिक ने कहा कि विदेशी नागरिक देश में न संपत्ति खरीद सकता है, न राशन कार्ड या गैस कनेक्शन ले सकता है। ऐसे में यह दुर्भाग्य की बात है कि आज भारत के नागरिकों को खुद को भारतीय साबित करने के लिए कागज ढूंढने पड़ रहे हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, सरकार कमेरो की वोट हटाने का साजिश कर रही है। आपको अपनी और अपने पड़ोसी की वोट बचाने के लिए सजग प्रहरी बनना होगा। 11 दिसंबर के बाद वोटों पर कैंची चलाने का काम शुरू होगा। एक भी पात्र नागरिक की वोट नहीं कटने देनी है। अंत में मलिक ने प्रशासन पर सीधा सवाल दागते हुए कहा कि जब विदेशी नागरिक को भारत में कोई अधिकार नहीं, फिर डीएम साहब बताएं कि ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में विदेशी की वोट कैसे बनी रह सकती है? उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मजबूती से खड़े होने और हर नागरिक की वोट सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।






