दो दिन पहले श्मशान घाट के पास क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था बच्ची का शव, हिंदूवादी संगठन और स्थानीय लोगों ने जताया था रोष, पीएम के बाद हुआ मुकदमा
मुजफ्फरनगर। शहर के मौहल्ला रामपुरी शाहबुद्दीनपुर क्षेत्र में दो दिन पूर्व श्मशान घाट के निकट झाड़ियों में नवजात बच्ची का शव मिलने के प्रकरण में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में मृत्यु का कारण मृत्यु से पूर्व लगी चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव और आघात बताया गया है। इससे माना जा रहा है कि बच्ची को जन्म के बाद जीवित अवस्था में ही सड़क पर फेंका गया था। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी शाहबुद्दीनपुर मार्ग पर स्थित श्मशान घाट के समीप दो दिन पूर्व झाड़ियों में नवजात बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। स्थानीय लोगों ने देखा कि कुत्ते शव को नोच रहे हैं, तो लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कुत्तों को भगाकर बच्ची के शव को उनके चंगुल से छुड़ाया था और पुलिस को सूचना दी गई थी। इस बच्ची का शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची के दोनों हाथ कंधे से अलग थे, दाहिने पैर का पंजा गायब था तथा गले का मांस भी कुत्तों द्वारा खाया जा चुका था। शिवसेना से जुड़े कार्यकर्ता और गौसेवक मौके पर पहुंचे तथा दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने शव को बरामद करते हुए उसको पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। मामले में गौसेवक नीशू ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन उस पर तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बाद में उपनिरीक्षक आशुतोष शर्मा की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध बीएनएस की धारा 91 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया है।
उपनिरीक्षक आशुतोष शर्मा ने शहर कोतवाली में दी गई अपनी लिखित सूचना में बताया कि 11 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2 बजकर 30 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली कि मुर्दाघर के सामने शाहबुद्दीनपुर मार्ग मोहल्ला रामपुरी में एक नवजात शिशु का शव पड़ा है। सूचना पर वह मौके पर पहुंचे। वहां नवजात बच्ची मृत अवस्था में कच्चे रास्ते पर पड़ी मिली और आसपास भारी भीड़ जमा थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्ची को कुत्ते नोच रहे थे, जिन्हें लोगों ने भगाया। उन्होंने बताया कि पंचनामा भरकर शव को परीक्षण हेतु भेजा गया। 12 फरवरी को परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के अनुसार नवजात की मृत्यु गंभीर चोटों के परिणामस्वरूप हुए अत्यधिक रक्तस्राव और आघात के कारण हुई। इससे स्पष्ट होता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्ची को जन्म के बाद इस उद्देश्य से सुनसान स्थान पर फेंक दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो जाए।
शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह वर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आसपास के क्षेत्रों में जानकारी एकत्र की जा रही है। संदिग्ध परिस्थितियों में प्रसव कराने वालों और हाल में जन्मे शिशुओं के संबंध में भी जांच की जाएगी। दोषी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। गत दिवस पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव गौसेवक नीशू व अन्य लोगों को सौंप दिया था। नीशू ने अन्य गौ सेवकों के साथ मिलकर बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। सभी लोगों ने मामले में आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।




