भाकियू (तोमर) ने जताया आक्रोश, 7 फरवरी को सीओ सदर कार्यालय का घेराव करने का ऐलान, चलेगा बेमियादी धरना
मुजफ्फरनगर। किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले संगठन भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए बड़ा आंदोलन घोषित किया है। यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर के नेतृत्व में भाकियू (तोमर) ने सीओ सदर के बरला कार्यालय पर 7 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। यह आंदोलन थाना चरथावल क्षेत्र के एक पीड़ित किसान को न्याय न मिलने और पुलिस प्रशासन के कथित अड़ियल रवैये के विरोध में लिया गया है।
भाकियू तोमर के नेता अंकित गुर्जर ने बताया कि यदि समय रहते प्रशासन ने किसान की समस्या का समाधान नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मामला थाना चरथावल क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक किसान ने आपसी सहमति और विधिसम्मत एग्रीमेंट के तहत एक जमीन का सौदा किया था। पीड़ित किसान ने तय शर्तों के अनुसार जमीन मालिक के खाते में अग्रिम धनराशि ट्रांसफर कर दी थी। शेष राशि के भुगतान के लिए दोनों पक्षों के बीच लगभग डेढ़ वर्ष का समय निर्धारित किया गया था।
किसान यूनियन का आरोप है कि जमीन मालिक ने लालच में आकर किए गए अनुबंध का उल्लंघन किया। तय समय सीमा से करीब आठ महीने पहले ही जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को अधिक कीमत पर बेच दिया गया। जब पीड़ित किसान को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई और उसने न्याय की गुहार लगाई, तो उसे लगातार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। भाकियू (तोमर) के संगठन मंत्री आकिल राणा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सदर सीओ का रवैया शुरू से ही नकारात्मक और असहयोगात्मक रहा है। उन्होंने बताया कि सीओ ने चौकी इंचार्ज को पीड़ित किसान की मदद करने से साफ मना कर दिया। इतना ही नहीं, कथित तौर पर यह भी कहा गया कि मामले की जांच के लिए कोई भी राजस्व टीम मौके पर नहीं भेजी जाएगी। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित किसान को शीघ्र न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो 7 फरवरी 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता।






