लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ी इलाकों में जारी बर्फबारी का असर अब मैदानी जिलों में साफ दिखने लगा है। राज्य के नोएडा, अलीगढ़, जौनपुर सहित करीब 10 शहर घने कोहरे की गिरफ्त में आ गए हैं, जहां कई इलाकों में दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह गई। हालात का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है और 20 से अधिक ट्रेनें 8 से 10 घंटे की देरी से संचालित हो रही हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 22 से 26 जनवरी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के संकेत हैं। ऐसे में इस बार गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर भी मौसम साफ रहने की संभावना कम बताई जा रही है। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बुलंदशहर सबसे ठंडा, कई जिलों में बारिश और ओले
रविवार को बुलंदशहर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लखनऊ, बाराबंकी, हाथरस समेत पांच जिलों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अलीगढ़ और लखीमपुर खीरी में ओलावृष्टि की भी सूचना है। इससे ठंड और गलन में इजाफा हो गया है।
लखनऊ: राजधानी में आसमान साफ है और हल्की हवाएं चल रही हैं। सुबह और शाम ठंड का असर बना हुआ है, हालांकि बीते दिनों की तुलना में दिन में कुछ राहत महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री के आसपास रह सकता है।
मेरठ: शहर में हल्की धुंध छाई हुई है, लेकिन दृश्यता सामान्य बनी हुई है। हवाओं की रफ्तार पहले से कम है और आसमान में बादल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों के बाद कोहरे और ठंड से कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 5 डिग्री दर्ज किया गया।
आगरा: ठंडी हवाओं के कारण गलन बरकरार है। सुबह हल्का कोहरा देखने को मिला। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वंदे भारत और शताब्दी सहित कुछ ट्रेनें करीब आधे घंटे की देरी से चलीं। 22 और 23 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
कानपुर: सुबह से सर्द हवाओं ने ठंड का असर बनाए रखा है। हल्की धुंध जरूर है, लेकिन दृश्यता पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। आसमान में बादल हैं और अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम इसी तरह बने रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा।
अलीगढ़: बूंदाबांदी और ओलावृष्टि के बाद ठंड और तेज हो गई है। हल्का कोहरा छाया हुआ है। अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं से लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।
अचानक क्यों बदला मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है। हवा की दिशा में बदलाव हुआ है। पूर्वा हवाओं की जगह पछुआ हवाएं चलने लगी हैं, जिससे वातावरण में नमी बढ़ी है। इसी कारण बादल, कोहरा और कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बन रही है।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है यह बारिश
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश गेहूं, मसूर और चना जैसी रबी फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि, सरसों और आलू की फसल को नुकसान की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर फसलों में दवा का छिड़काव करें।
अगले 4 दिन का मौसम पूर्वानुमान
21 जनवरी: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में मौसम सामान्यतः साफ रहेगा। कुछ इलाकों में हल्का कोहरा दिख सकता है। सर्द हवाओं के चलते ठंड बनी रहेगी।
22 जनवरी: प्रदेश के दोनों हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट संभव।
23 जनवरी: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में हल्का कोहरा और बादल बने रहेंगे। बर्फीली हवाओं से गलन जारी रहने की संभावना।
24 जनवरी: कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। कोहरा हल्का रहेगा, लेकिन ठंडी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।






