मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में एक ऐसा वाहन पकड़ा गया, जो पूर्व में एंबुलेंस के रूप में पंजीकृत था, लेकिन उसे अवैध रूप से स्कूल वाहन बनाकर बच्चों के परिवहन में लगाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने वाहन को तत्काल निरु( करते हुए भारी जुर्माना लगाया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में विभागीय टीम ने गुरूवार को जनपद में वाहनों की सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्कूली वाहनों के परमिट, फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विशेष रूप से जांच की गई। इसी दौरान एक वाहन स्कूल के रंग में रंगा हुआ बच्चों को स्कूल ले जाते हुए मिला, जिसकी जांच करने पर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
एआरटीओ ने बताया कि जांच में पता चला कि संबंधित वाहन संख्या यूपी 12टी 6436 का मूल पंजीकरण एंबुलेंस के रूप में था, जबकि वर्तमान में उसका उपयोग स्कूल वाहन के रूप में किया जा रहा था। इसके लिए वाहन का कलर भी बदलवाकर स्कूल के लिए मान्य पीला कराया गया था। जांच में वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, बिना वैध परमिट और बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के संचालित पाया गया। इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में लागू राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का भी उल्लंघन सामने आया।
एआरटीओ ने बताया कि चैकिंग के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने वाहन को थाना छपार क्षेत्र में उस समय पकड़ा, जब चालक बच्चों को स्कूल में उतार रहा था। मौके पर ही वाहन को निरु( कर दिया गया तथा उस पर 40,250 रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वाहन पर देय कर की गणना बाद में कार्यालय स्तर पर की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने जिले के सभी स्कूल संचालकों और वाहन स्वामियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार के वाहनों का प्रयोग बच्चों के परिवहन में न किया जाए।
विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसे मामले सामने आते हैं तो संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरु( मान्यता निरस्त करने की संस्तुति जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो सके।






