MUZAFFARNAGAR-हर वार्ड में नगरपालिका स्थापित करेगी डिजिटल सिक्योरिटी

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के द्वारा मुजफ्फरनगर शहर को शासन के द्वारा स्मार्ट सिटी बनाये जाने के लिए की जा रही पहल पर पालिका प्रशासन ने शहर को सम्पूर्ण डिजीटल सिक्योरिटी से आच्छादित करने की कार्ययोजना पर अमल शुरू किया है। इसके लिए लखनऊ की तर्ज पर शहर के 55 वार्डों को जोन में विभाजित करते हुए एक कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित करते हुए वार्डों में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने की तैयारी है। इसके साथ ही कूड़ा वाहनों की तकनीकी निगरानी के लिए उनमें जीपीएस जैसी ट्रैकिंग डिवाइस लगाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि कंट्रोल रूम से सतत निगरानी की व्यवस्था हो सके।

पिछले दिनों स्थानीय निकाय निदेशालय के अपर निदेशक डॉ. असलम अंसारी ने नोडल अफसर के रूप में मुख्यालय पहुंचकर नगरपालिका परिषद् की ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ शासन द्वारा बड़ी नगरपालिकाओं को नगर निगम की भांति स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना की जानकारी दी और इसके लिए निर्धारित 24 बिन्दुओं पर समीक्षा की थी। इसी कड़ी में नगर पालिका परिषद् अब शहर को स्मार्ट बनाने की राह पर आगे बढ़ रही है।

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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के मार्गदर्शन में हम शहर को सुरक्षा, व्यवस्था और स्वच्छता के साथ ही यहां पर पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। शासन ने नगरपालिका परिषद् को स्मार्ट सिटी योजना में चयनित किया है और इसके लिए यहां पर होने वाले कुछ मुख्य कार्यों के लिए प्रस्ताव भी मांगे गये हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, गौशाला, स्मार्ट रिकॉर्ड रूम, स्मार्ट पार्क और स्मार्ट रोड के लिए काम किया जाना है। इसके साथ ही पालिका ने शहर को स्मार्ट सिक्योरिटी प्रदान करने की कवायद की है। इसमें लखनऊ नगर निगम की तर्ज पर कार्ययोजना बनाई जा रही है। 55 वार्डों को कुछ जोन में विभाजित करते हुए सभी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है, इसके लिए पालिका मुख्यालय पर अपना एक कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जायेगा। सभी कैमरों को इससे जोड़कर शहरवासियों को 24 घंटे डिजीटल सिक्योरिट की निगरानी प्रदान की जायेगी। इसके साथ ही स्वच्छता में लगाये जाने वाले सभी कूड़ा वाहनों को भी तकनीकी निगरानी के दायरे में लाकर इस कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जायेगा ताकि सफाई व्यवस्था की सतत निगरानी की जा सके।

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ईओ ने बताया कि इसके लिए पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की सहमति पर कार्य प्रारम्भ कि गया है। कार्ययोजना बनाकर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जायेगी। शासन से इसके लिए बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जायेगा, बजट नहीं भी मिला तो पालिकाध्यक्ष ने इस कार्य को बोर्ड फण्ड से कराने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की है।

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