मस्त अधिकारियों को पस्त किसानों की पीड़ा सुनाने आ रहे धर्मेन्द्र मलिक

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर किसानो की समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा, जिसमें यूनियन के पदाधिकारी किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण करने की मांग करेंगे। भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए कहा कि जनपद में किसान पस्त हैं और अधिकारी मस्त बने हुए हैं। किसानो की समस्या का अंबार लग रहा है। आरोप लगाया कि जनपद में शुगर मिलों के साथ मिलकर गन्ना विभाग महंगे बीज, दवाई बेचने में व्यस्त है और गन्ना रोग की रोकथाम को लेकर कोई कार्यक्रम नहीं बनाया गया है। ऐसे ही कुछ मामले वो डीएम उमेश मिश्रा से मिलकर उठायेंगे।

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भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने बताया कि जनपद में कृषि से संबंधित कॉपरेटिव, राजस्व, गन्ना, बैंक, चकबंदी सहित तमाम विभागों के अधिकारी किसानो को समस्याओं में उलझा रहे है। किसानांे को कार्यालयों में हीन भावना से देखा जा रहा है। किसानों को कॉपरेटिव विभाग उनकी 3 प्रतिशत की सब्सिडी वापस नहीं कर रहा,गन्ना विभाग रेड रोट, पायरिला, टॉप बोरर जैसी बीमारियों से बचाव हेतु कोई कार्य नहीं कर रहा केवल गोष्ठी के नाम बीज एवं दवाई बेचने का धंधा शुगर मिलों द्वारा गन्ना विभाग की मिलीभगत से किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की रियल टाइम खतौनी में त्रुटियों के कारण किसानो को भूमिहीन बना दिया है। लेखपालों द्वारा अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा ही पैसे लेकर जनता का कार्य किया जा रहा है। बैंकांे द्वारा किसानो की जमीन 2 लाख तक ऋण में भी नियम विरुद्ध बंधक की जा रही है। किसानांे पर चार्ज लगाए जा रहे है। चकबंदी में अधिकारियों द्वारा अपने ही आदेश को बदला जा रहा है। चकबंदी के कारण भूमिहीन हो गए किसानों को जमीन नहीं मिल रही है। कहा कि सोमवार को इन सभी विषयों पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों के साथ वो जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ज्ञापन देकर वार्ता करेंगे।

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