जिला बार संघ ने अनुशासनहीन अधिवक्ताओं को दी सख्त चेतावनी

मुजफ्फरनगर। गाजियाबाद के जिला जज के साथ अधिवक्ताओं का विवाद समाप्त नहीं हो पा रहा है। इस मामले में कार्यवाही को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के आह्नान पर पिछले चार नवम्बर से चली आ रही काम बंद हड़ताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार जारी है। ऐसे में युवा अधिवक्ता भी प्रदर्शन कर रहे हैं, अब गाजियाबाद प्रकरण में समाधान होने तक हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में जिला बार संघ ने अनुशासनहीनता करने वाले अधिवक्ताओं के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। हड़ताल के दौरान कामकाज करने का दोषी पाये जाने पर ऐसे अधिवक्ता को बार संघ से दस साल के लिए बाहर कर दिया जायेगा। बार का यह फैसला चर्चाओं में आ गया है।

इसे भी पढ़ें:  डॉ. मुखर्जी ने अपना सर्वस्व देश पर न्यौछावर कियाः श्रीचंद शर्मा

बता दें कि गाजियाबाद में जिला जज अनिल कुमार के साथ वकीलों के विवाद का अभी हल होता नजर नहीं आ रहा है। संघर्ष समिति के आह्नान पर पश्चिम के दूसरे जिलों के साथ ही मुजफ्फरनगर में भी बार संघ ने हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया है। गाजियाबाद में जिला जज अनिल कुमार की अपनी अदालत में वकीलों के साथ कहा सुनी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने जिला जज की अदालत में घुसकर वकीलों पर लाठी चार्ज कर दिया था। जिसको लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के वकील लगातार हड़ताल पर चल रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर आज मुजफ्फरनगर में जिला बार संघ की बैठक की गई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि गाजियाबाद प्रकरण में सम्मान जनक समाधान होने तक वकीलों की कलम बंद हड़ताल जारी रहेगी। बताया गया कि आज की बैठक में यह भी बड़ा फैसला लिया गया कि यदि किसी अधिवक्ता ने हड़ताल का पालन नहीं किया, तो उस पर जुर्माने नहीं लगाया जायेगा, बल्कि ऐसे अनुशासनहीन अधिवक्ता के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए 10 साल के लिए उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  LOKSABHA ELECTION-मुजफ्फरनगर और बिजनौर सीटों पर बुजुर्गों-दिव्यांगों ने डाले वोट
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *