एमवीए के बाद महायुति में भी घमासान

मुंबई। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही। वैसे-वैसे राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज होती जा रही है। महा विकास अघाड़ी के बाद अब महायुति में भी सबकुछ ठीक नहीं लग रहा है। नवाब मलिक को मानखुर्द शिवाजी नगर से टिकट दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अजित पवार वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बीच तल्खी बढ़ गई है।भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बुधवार को नवाब मलिक को आतंकी करार दिया। अजित पवार पर तीखा हमला बोलते हुए सोमैया ने कहा, ‘नवाब मलिक आतंकवादी है, उन्होंने देश को टुकड़ों में तोड़ने की कोशिश की। वह दाऊद के एजेंट हैं। उन्हें टिकट देकर अजित पवार की एनसीपी ने देश के साथ धोखा किया है। सुरेश कृष्णा पाटिल (बुलेट पाटिल) महायुति से एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कल से अपना चुनाव प्रचार शुरू किया है।’

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बता दें कि नवाब मलिक ने मंगलवार को इस सीट से नामांकन दाखिल किया था। इससे महायुति के सामने खासकर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। क्योंकि महायुति की तरफ से शिवसेना के पाटिल को पहले ही उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है। भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलार ने मलिक की उम्मीदवारी के खिलाफ बयान दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद मलिक ने नामांकन दाखिल कर दिया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होना है। शेलार ने कहा था, ‘हम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े किसी भी व्यक्ति को टिकट देना स्वीकार नहीं करेंगे। हम नवाब मलिक का समर्थन नहीं करेंगे और हमारा रुख अलग होगा।’ अणुशक्ति नगर से दो बार विधायक रहे नवाब मलिक ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह मानखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे क्योंकि एनसीपी ने महायुति की सहयोगी भाजपा के दबाव के चलते उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया था। मलिक ने नामांकन दाखिल करने के बाद कहा, ‘मैंने तय किया था कि अगर मुझे अपनी पार्टी से नामांकन पत्र नहीं मिला तो मैं निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ूंगा। मैंने एनसीपी उम्मीदवार के तौर पर अपराह्न दो बजकर 55 मिनट पर (नामांकन पत्र) दाखिल किया।’ विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन मंगलवार था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मलिक की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा के रुख पर पुनर्विचार हुआ है या नहीं। भाजपा, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ गठबंधन में राज्य में सत्ता साझा करती है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें मलिक के एनसीपी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने की ‘आधिकारिक सूचना’ की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब मुझे आधिकारिक सूचना मिलेगी तब मैं इस पर प्रतिक्रिया दूंगा।’ अणुशक्ति नगर से मौजूदा विधायक मलिक ने यह सीट अपनी बेटी सना के लिए छोड़ दी। सना एनसीपी उम्मीदवार के रूप में राजनीति में कदम रख रही हैं। नवाब मलिक, महाविकास आघाडी सरकार में मंत्री थे लेकिन 2022 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दाऊद और उसके साथियों छोटा शकील व टाइगर मेमन के खिलाफ दर्ज मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। मलिक को इस साल जुलाई में चिकित्सक आधार पर जमानत दी गई थी। राकांपा में विभाजन के बाद उपमुख्यमंत्री अजीत पवार नीत गुट ने सहयोगी भाजपा की आपत्तियों के बावजूद मलिक को अपने पाले में ले लिया था।

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