हांगकांग- पुलिस की जांच में पता चला है कि रिहायशी इमारतों पर लगे सुरक्षा नेट्स, वाटरप्रूफ कैनवास और प्लास्टिक की चादर के चलते आग तेजी से भड़की और पूरे ब्लॉक में फैल गई। हांगकांग में रिहायशी इमारतों में लगी भीषण आग में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 55 हो गया है और 279 लोग अभी भी लापता हैं। इस अग्निकांड को हांगकांग के इतिहास की सबसे भयानक आग की घटनाओं में से एक बताया जा रहा है। चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, 68 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 16 की हालत गंभीर है और 25 अन्य की हालत भी गंभीर है, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि रिहायशी इमारतों पर लगे सुरक्षा नेट्स, वाटरप्रूफ कैनवास और प्लास्टिक की चादर के चलते आग तेजी से भड़की और पूरे ब्लॉक में फैल गई। साथ ही खिड़कियों को सील करने के लिए पॉलीयूरेथेन फोम का इस्तेमाल किया गया, जो कि बेहद ज्वलनशील तत्व है, इसकी वजह से भी आग विकराल हुई।

देवबंद में डंपर की टक्कर से मोपेड सवार कामिल की मौत, महिला घायल
देवबंद। सांपला रोड पर देवबंद ब्लॉक के नजदीक डंपर की टक्कर से मोपेड सवार व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मृतक की पहचान ग्राम फुलास अकबरपुर निवासी कामिल पुत्र फय्याज के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 6 जून 2026 को कामिल अपनी पुत्रवधू के साथ मोपेड पर सवार होकर किसी कार्य से देवबंद आ रहे थे। जब वे देवबंद ब्लॉक के पास पहुंचे, तभी पीछे से आ रहे डंपर ने मोपेड में टक्कर मार दी। हादसे में दोनों घायल हो गए। इसे भी पढ़ें: मुज़फ्फरनगर में प्रदूषण पर एनजीटी सख्तः डीएम को नोटिससूचना मिलने पर फुलास अकबरपुर के





