उद्योगों पर संकटः अवैध वसूली के लिए फैक्ट्री पर हमला, दहशत में उद्यमी

तिरुपति एंटरप्राइजेज फैक्ट्री में पथराव और झूठी शिकायतों की धमकी पर उद्यमियों ने डीएम व एसपी से की शिकायत, कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले में औद्योगिक माहौल अब गंभीर चिंता के दौर से गुजरता नजर आ रहा है। फैक्ट्री मालिकों ने असामाजिक तत्वों द्वारा धमकाने, पथराव कराने और झूठी शिकायतों के जरिए दबाव बनाकर अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए। उद्योगपतियों ने इसे जिले के निवेश और रोजगार के लिए घातक बताते हुए नाराजगी जताई और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
जिले में फैक्ट्री मालिकों को असामाजिक तत्वों से लगातार धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ शरारती तत्व उद्योगपतियों पर अवैध मांगें पूरी करने का दबाव बना रहे हैं और मांग न मानने पर फैक्ट्री बंद कराने तथा शासन-प्रशासन में प्रदूषण समेत अन्य झूठी शिकायतें करने की धमकी दे रहे हैं। फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स की ओर से पुलिस व प्रशासन को दी गई शिकायत में बताया गया कि तीन दिन पूर्व फेडरेशन के सदस्य अंशुल सिंगल एवं दीपक जैन की बामनहेड़ी बावनदरा पुल के पास स्थित तिरुपति एंटरप्राइजेज फैक्ट्री में कुछ असामाजिक तत्व जबरन घुस आए। आरोप है कि इन तत्वों ने फैक्ट्री परिसर में पथराव कर दहशत फैलाने का प्रयास किया और फैक्ट्री बंद कराने की धमकी दी।

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इस गंभीर घटना को लेकर फेडरेशन के पदाधिकारी और सदस्य सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के उपाध्यक्ष राकेश जैन, सचिव अभिषेक अग्रवाल, सह-सचिव आशीष गर्ग, अंकित संगल, अंकुर गर्ग, सत्यप्रकाश रेशु, व्यापार मंडल से एडवोकेट शलभ गुप्ता सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। सभी ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर पूरी घटना से अवगत कराया। उद्यमियों ने जिलाधिकारी को बताया कि इस तरह के भय और असुरक्षा के माहौल में उद्योग संचालन करना अत्यंत कठिन हो गया है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो इसका सीधा असर जिले के औद्योगिक विकास और रोजगार पर पड़ेगा। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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इसके बाद फेडरेशन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर तहरीर सौंपी और शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उद्योगों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। फेडरेशन के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि फेडरेशन इस निंदनीय घटना की घोर निंदा करता है और स्पष्ट करता है कि संगठन अपने प्रत्येक सदस्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। किसी भी व्यापारी या उद्योगपति का इस प्रकार से उत्पीड़न कदापि सहन नहीं किया जाएगा। फेडरेशन एकजुट है और सभी उद्यमी साथ हैं।

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उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण को लेकर दो दिन पूर्व वैश्य संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष कृष्णगोपाल मित्तल के नेतृत्व में भी डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने गांव भंडूर निवासी प्रसन्न कुमार पर फैक्ट्री में घुसकर धमकी देने, दहशत फैलाने और सोशल मीडिया पर वैश्य समाज के लोगों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप लगाए थे। वैश्य समाज और उद्यमियों का कहना है कि उक्त व्यक्ति लगातार फैक्ट्री मालिकों को धमकाकर तरह-तरह की अवैध मांगें कर रहा है और दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे उद्यमी वर्ग दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है।

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