विभागीय योजनाओं की प्रगति, भावी रणनीति और विधानसभा के तारांकित प्रश्नों पर प्रभावी प्रस्तुति को लेकर मंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश
मुजफ्फरनगर। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य के मद्देनजर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की योजनाओं और रणनीतियों की गहन समीक्षा की गई। विभागीय कार्यों की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और विधानसभा में पूछे गए प्रश्नों की तैयारी पर विशेष फोकस किया गया।
उत्तर प्रदेश सचिवालय के मुख्य भवन लखनऊ में गुरुवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभागीय मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा भावी रणनीतियों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। मंत्री कपिल देव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए विभाग को ठोस और परिणामोन्मुख कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ना और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है।

उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाए, ताकि लक्ष्यों की प्राप्ति समयबद्ध ढंग से हो सके। बैठक के दौरान विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्नों पर प्रभावी प्रस्तुति के लिए विस्तृत ब्रीफिंग (पूर्व जानकारी एवं दिशा-निर्देश) भी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे तथ्यों और आंकड़ों के साथ सटीक एवं स्पष्ट उत्तर तैयार रखें, जिससे सदन में विभाग का पक्ष प्रभावी रूप से रखा जा सके।
इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, मिशन निदेशक पुलकित खरे, विशेष सचिव अभिषेक सिंह, संयुक्त सचिव मनोज वर्मा, अनुसचिव धर्मपाल पाण्डेय, अतिरिक्त निदेशक (प्रशिक्षण) राजेंद्र प्रसाद तथा संयुक्त निदेशक (यूपीएसडीएम) मयंक गंगवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को प्रदेश में कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो युवाओं को सशक्त बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।






