सती चरित्र, ध्रुवाख्यान, भरत चरित्र और नृसिंह अवतार की कथाओं से श्रद्धालुओं को दिया धर्म और भक्ति का संदेश
मुजफ्फरनगर। सनातन धर्म सभा भवन में चल रही श्रीमद भागवत कथा में शनिवार को भक्ति और आस्था का अनूठा वातावरण देखने को मिला। कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, भक्तों की भक्ति और धर्म के आदर्शों पर आधारित प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को आस्था रूपी गंगोत्री में गोते लगाते हुए भाव-विभोर कर दिया। भजनों के दौरान भक्त झूमते नजर आए और पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।

समस्त अग्रवाल परिवार के तत्वावधान में सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। मुख्य यजमान के रूप में पहुंचे मोहित मित्तल (श्री राधे इंडस्ट्रीज), राजेश जैन (गर्ग डुप्लैक्स), शैलेष कुच्छल, विख्यात अग्रवाल और सन्दीप गर्ग (एसके इंटरनेशनल) द्वारा व्यास पीठ पर विराजमान कथावाचक हिमेश शास्त्री जी महाराज से आर्शीवाद लिया। अभिनव अग्रवाल द्वारा अतिथियों का अभिनंदन किया गया। श्रीमद भागवत पूजन के उपरांत कथा प्रारंभ हुई।

कथा वाचक हिमेश शास्त्री महाराज (मथुरा वाले) ने भक्तों को सती चरित्र, ध्रुवाख्यान, भरत चरित्र तथा नृसिंह अवतार की कथा सुनाकर धर्म, भक्ति और समर्पण का महत्व बताया। कथावाचक ने सती चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सती माता ने अपने स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह प्रसंग जीवन में मयार्दा और आत्मसम्मान के महत्व को दशार्ता है। ध्रुवाख्यान का वर्णन करते हुए उन्होंने बालक ध्रुव की अटूट भक्ति और तपस्या का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि बालक ध्रुव ने कठिन तपस्या के माध्यम से भगवान की कृपा प्राप्त की और ध्रुव तारा के रूप में अमर हो गए। यह कथा सच्ची श्रद्धा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देती है।

कथावाचक हिमेश शास्त्री जी महाराज ने भरत चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान के प्रति प्रेम और वैराग्य मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर सकता है। वहीं नृसिंह अवतार की कथा सुनाते हुए भगवान विष्णु द्वारा भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए प्रकट अद्भुत अवतार का वर्णन किया गया। इस प्रसंग में बताया गया कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और अधर्म का अंत निश्चित है। कहा कि भागवत श्रवण से भक्ति की प्राप्ति होती है, जिसको भक्ति हो जाती है, भगवान उससे दूर नहीं रह सकते और भक्ति के आ जाने से जीवन के शोक, भय और मोह मिट जाता है। कथा के दौरान भगवान के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा हुआ दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ कथा का आनंद लिया।
कथा के अंत में सभी भक्तों ने भगवान की आरती में भाग लिया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। आयोजक अभिनव अग्रवाल ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी रहेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्य रूप से परमात्मा शरण अग्रवाल, प्रदीप गर्ग, किशन अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, दीप अग्रवाल, अभिनव गर्ग, कार्तिक अग्रवाल, दीपक गोयल, योगेश माहेश्वरी, अमित गर्ग, श्रुति अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, इनाक्षी अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, प्रीति तायल और रचना अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





