उद्यमी आलोक स्वरूप के निवास पर हुई बैठक, समाजसेवियों व उद्योगपतियों ने संगठन के कार्यक्रमों में सहयोग का लिया संकल्प
मुजफ्फरनगर। रविवार को शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें हिंदुत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मंदिरों को सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की दिशा में विस्तार से चर्चा की गई। शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान की एक महत्वपूर्ण बैठक उद्यमी व समाजसेवी आलोक स्वरूप की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ तीन बार ॐ के उच्चारण के साथ किया गया, जिसके बाद संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संजय शर्मा ने एक डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से संगठन की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धर्म का मूल आधार मंदिर है और शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान मंदिरों को केवल पूजा-अर्चना का स्थान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा शाश्वत देवालय, शाश्वत प्रांगण, शाश्वत बाजार, शाश्वत कार्ड और आशीर्वाद कार्ड जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से मंदिरों के इर्द-गिर्द एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में यह भी बताया गया कि इन कार्यों को राष्ट्रीय संत विजय कौशल महाराज, जैन संत लोकेश मुनि और आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। वक्ताओं ने कहा कि मंदिरों को भक्ति के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सेवा कार्यों का केंद्र बनाना ही सशक्त भारत के निर्माण का मार्ग है, जिसमें हर सनातनी का सहयोग आवश्यक है। बैठक में उपस्थित लोगों ने संगठन की योजनाओं में सक्रिय सहयोग देने और समाज में धार्मिक व सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में केंद्रीय पदाधिकारी संजय शर्मा, रितेश बिजोरिया (संयोजक शाश्वत प्रांगण), विराज मजूमदार (संयोजक शाश्वत बाजार), रवि कटारिया (राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री), राजीव बागची (टेक्नोलॉजी प्रमुख) और प्रदेश महामंत्री ललित महेश्वरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रभारी ललित महेश्वरी और युवा संयोजक प्रभाव स्वरूप रहे। बैठक में समाज के कई प्रमुख गणमान्य और उद्योगपति भी शामिल हुए। इनमें डॉ. अनुभूषण, भीमसेन कंसल, सतीश टिहरी, डॉ. रामानी, राकेश बिंदल, राजीव जैन, दिनेश मोहन एडवोकेट, अनिल स्वरूप, कुश पुरी, अरुण खंडेलवाल, गंगा प्रताप, जगमोहन गोयल, अभिनव स्वरूप, डॉ. अरुणा गर्ग, मंजू महेश्वरी, माधवी स्वरूप, तूलिका स्वरूप, प्रीति गुप्ता, श्रवण अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, मोहित बंसल, मनोज अग्रवाल और नीतीश ऐरन सहित अनेक लोग मौजूद रहे।





