अंतिम मतदाता सूची 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अप्रैल को फाइनल सूची जारी की जाएगी, जिसमें 13.25 करोड़ से अधिक नाम होने की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि करीब 97 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची में बने रहने की उम्मीद है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत 3.26 करोड़ मतदाताओं को जारी नोटिसों पर सुनवाई पूरी कर ली गई है। मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, शत-प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है दस्तावेज सत्यापन और जांच के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है
अक्तूबर-2025 में फ्रीज की गई मतदाता सूची में 12.55 करोड़ लोगों के नाम शामिल थे इनमें से 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की सूची से नहीं हो पाया था यानी उनके नाम या उनके परिवार (माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी) के नाम से मेल नहीं मिला था। इसके बाद ऐसे मतदाताओं से दस्तावेज मांगे गए और सुनवाई की गई।
2.22 करोड़ मतदाताओं के मामलों में बीएलओ ने घर जाकर जांच की। इन मामलों में मुख्य समस्याएं थीं: नाम और पिता के नाम में गड़बड़ी माता-पिता और मतदाता की उम्र में 15 साल से कम अंतर इसके बावजूद अधिकारियों का मानना है कि बहुत कम नाम ही सूची से हटेंगे चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार: 86.69 लाख लोगों ने नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरा, 3.18 लाख लोगों ने नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किया
इन सभी प्रक्रियाओं के बाद अंतिम मतदाता सूची 2026 में 13.25 करोड़ से अधिक नाम रहने की संभावना है अधिकांश मतदाताओं के नाम सुरक्षित बड़े पैमाने पर दस्तावेज सत्यापन, घर-घर जांच से प्रक्रिया पारदर्शी, अंतिम सूची में बड़ा आंकड़ा बरकरार अब सभी की नजर 10 अप्रैल पर है, जब अंतिम मतदाता सूची 2026 आधिकारिक रूप से जारी होगी।






