देवबंद में महावीर जयंती देवबंद के अवसर पर जैन समाज ने भगवान महावीर स्वामी की 2625वीं जन्म जयंती बड़े उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई। इस दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई और श्रद्धालुओं ने ‘जियो और जीने दो’ के संदेश पर चलने का संकल्प लिया। नगर में जैन समाज की ओर से भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पालकी यात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी सारगवाड़ा से प्रारंभ हुई। इसके बाद श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी बाहरा से भगवान महावीर स्वामी जी की प्रतिमा को लेकर भव्य पालकी मे विराजमान कर श्री दिगंबर जैन मंदिर कानूनगोयान, हनुमान चौक, मेन बाजार और एमबीडी चौक होते हुए श्री दिगंबर जैन मंदिर नेचलगढ़ पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। सुबह जैन समाज के लोगों ने शुद्ध वस्त्र धारण कर चारों जैन मंदिरों में नित्य नियम पूजन किया।

इस दौरान सहस्त्र कलशों से अभिषेक कर भगवान महावीर स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी बाहला में आयोजित बोलियों में: भगवान का ख्वासी बनने का सौभाग्य: श्री महेश चंद रजनीश कुमार जैन (सर्राफ), दाएं इंद्र और बाएं इंद्र: श्री मुनेश (मोनी) कुमार अनमोल जैन, श्री प्रदीप कुमार मोहित जैन (बुक सेलर), खजांची: श्री अनुज कुमार लक्ष्य जैन बाल ब्रह्मचारी अभय भैया जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत जैन धर्म की मूल भावना है। उन्होंने बताया कि महावीर स्वामी का प्रकृति से गहरा संबंध रहा और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन में शांति प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि: क्रोध, मान, माया और लोभ का त्याग करना चाहिए, असहाय और छोटे जीवों के प्रति दया भाव रखना चाहिए, आत्म-विजय, बाहरी शत्रु पर विजय से अधिक महत्वपूर्ण है पालकी यात्रा में श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति के अध्यक्ष श्री मुनेश जैन (मोनी), महामंत्री शुभम जैन (वर्धमान ट्रैवल्स), कोषाध्यक्ष मनोज जैन (पिल्लू) सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।
इसके अलावा विकास जैन, अतुल जैन, मुकेश जैन, शशांक जैन, विपुल जैन, अंकित जैन, मयंक जैन, अनिल जैन, संजय जैन, अजय जैन, डॉ. पारस जैन, सिद्धांत जैन, डोली जैन, पारुल जैन, अनु जैन, सविता जैन, शिल्पी जैन, सपना जैन, संगीता जैन, मेघा जैन, स्वाति जैन सहित समस्त जैन समाज की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा।
महावीर जयंती देवबंद के इस आयोजन के माध्यम से जैन समाज ने अहिंसा, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपनाकर समाज में शांति स्थापित करने का संकल्प लिया।






