मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर मंसूरपुर स्थित न्यूमैक्स सिटी प्रोजेक्ट एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार गाजियाबाद से पहुंचे कई निवेशकों ने प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और अपनी निवेश की गई रकम वापस करने की मांग उठाई। मौके पर पहुंचे निवेशकों का कहना था कि उन्हें कम समय में अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाकर पैसा लगवाया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो लाभ मिला और न ही मूल धन वापस किया गया।
मौके पर मौजूद निवेशकों में काफी नाराजगी दिखी। निवेशकों ने यह भी कहा कि अब कंपनी से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है।
निवेशकों का आरोप, मुनाफे का वादा कर लगवाया गया पैसा
गाजियाबाद से आए निवेशक उदय अग्रवाल ने बताया कि उन्हें निवेश पर 8 से 10 लाख रुपये तक लाभ मिलने का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर उन्होंने करीब 24 लाख रुपये का निवेश किया। उनका कहना है कि अब हालात यह हैं कि कंपनी के अधिकारी फोन कॉल तक रिसीव नहीं करते और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति से मुलाकात हो पाती है।
उदय अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआत में निवेश को सुरक्षित और लाभकारी बताकर भरोसा दिलाया गया था। लेकिन समय बीतने के साथ न तो भुगतान हुआ और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला। उनका कहना है कि अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पत्नी के नाम से किया निवेश, 14 महीने बाद भी नहीं मिला भुगतान
एक अन्य निवेशक अमित कौशिक ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया था। उनके अनुसार, उन्हें 6 से 8 महीने के भीतर करीब 10 लाख रुपये के मुनाफे का भरोसा दिया गया था। लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला।
अमित कौशिक का आरोप है कि अब कंपनी मुनाफा देने की बात तो दूर, मूल रकम लौटाने में भी 10 प्रतिशत कटौती की शर्त रख रही है। उनका कहना है कि यह निवेशकों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने मांग की कि उनकी पूरी रकम बिना किसी कटौती के वापस की जाए।
साइट पर बाउंसर तैनात होने का भी आरोप
निवेशकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट साइट पर बाउंसर तैनात किए गए हैं। उनका कहना है कि जब वे अपनी बात रखने या जिम्मेदार अधिकारियों से मिलने पहुंचते हैं तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया जाता है। इससे निवेशकों में और नाराजगी बढ़ी।
मौके पर पहुंचे कुछ लोगों का कहना था कि अगर कंपनी के पास सब कुछ साफ है तो फिर निवेशकों से खुलकर बात क्यों नहीं की जा रही। निवेशकों ने मांग की कि उन्हें कंपनी प्रबंधन से सीधे बातचीत का मौका दिया जाए और उनके भुगतान की स्थिति साफ की जाए।
निवेशकों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई लंबे समय से फंसी हुई है और अब उन्हें न्याय चाहिए। निवेशकों ने मांग रखी कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनकी रकम ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।
कंपनी ने आरोपों को बताया साजिश
दूसरी ओर, न्यूमैक्स सिटी प्रोजेक्ट के निदेशक संजय अग्रवाल ने निवेशकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
संजय अग्रवाल के अनुसार, कंपनी के पास सभी लेनदेन से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि यदि किसी ब्रोकर ने निवेशकों से अलग तरह की बातचीत की है या कोई अलग वादा किया है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी केवल उन्हीं शर्तों के आधार पर जवाबदेह है, जो आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज हैं।






