उपभोक्ताओं की परेशानी कम करने को विद्युत विभाग का नया नियम लागू, बढ़ते लोड से निपटने को लगाए जा रहे नए ट्रांसफार्मर
मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बार-बार लिए जा रहे शटडाउन से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विद्युत विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब शिकायतों के निस्तारण के लिए बिजलीघरों से 24 घंटे में केवल दो बार ही शटडाउन लिया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिले के कई क्षेत्रों में रविवार को भी अघोषित कटौती की शिकायतों पर कार्य किया गया। अलग-अलग फीडरों पर उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए शटडाउन लेना पड़ा, जिसके कारण कुछ समय के लिए आपूर्ति बाधित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार शटडाउन से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत देर रात मिलने वाली शिकायतों का निस्तारण सुबह एक बार शटडाउन लेकर किया जाएगा, जबकि पूरे दिन आने वाली शिकायतों को शाम के समय एक साथ निपटाया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बार-बार लाइन बंद करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और विद्युत आपूर्ति अधिक सुचारु रह सकेगी।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि गर्मी के मौसम में बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए विभाग लगातार व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है। इसी क्रम में सीटी-2 अस्पताल फीडर पर दो नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य के चलते करीब एक घंटे तक आपूर्ति बंद रखी गई। इन नए ट्रांसफार्मरों के चालू होने से बढ़ते लोड को संभालने में मदद मिलेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उपभोक्ताओं से भी सहयोग और संयम बनाए रखने की अपील की गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर की तरह मुजफ्फरनगर में भी इन दिनों बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। शहर के पॉश इलाकों से लेकर मलिन बस्तियों तक अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं। कई स्थानों पर रात में बिजली गायब होने पर लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर चुके हैं। लगातार बढ़ रहे जनाक्रोश के बीच जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार भी बिजली संकट को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। ऊर्जा व्यवस्था में लापरवाही पर कार्रवाई के संकेतों के बाद विभागीय अधिकारियों में सतर्कता बढ़ी है। ऐसे में नई शटडाउन व्यवस्था को उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





