सारथी की पहली बैठक में भविष्य की कौशल शिक्षा पर मंथन

नई दिल्ली में हुई बैठक में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगारपरक बनाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। देशभर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक और उद्योगोन्मुखी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए सारथी (ैस्ट्रेटेजिक एडवाइजरी एण्ड रिफॉर्म टास्कबार फॉर होलेस्टिक आईटीआई ट्रांसफॉरमेशन) की प्रथम बैठक का आयोजन शुक्रवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आईटीआई संस्थानों में व्यापक सुधार, प्रशिक्षण व्यवस्था के आधुनिकीकरण और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कौशलयुक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

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सारथी की इस प्रथम बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बदलती तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आईटीआई पाठ्यक्रमों को अद्यतन किया जाए, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों से संबंधित फ्यूचर स्किल्स को प्रशिक्षण प्रणाली का हिस्सा बनाने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला भी है। युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर देश की आर्थिक प्रगति को नई गति दी जा सकती है।

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बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्किल इंडिया अभियान’ के तहत देशभर में कौशल विकास को नई दिशा मिली है। इसी क्रम में विभिन्न राज्य सरकारें भी युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर, तेलंगाना सरकार के मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकट स्वामी तथा गुजरात सरकार के मंत्री कुंवरजीभाई मोहनभाई बावलिया सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

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सभी प्रतिभागियों ने आईटीआई संस्थानों को रोजगार सृजन और कौशल विकास के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में लिए गए सुझावों और प्रस्तावों को देश की कौशल विकास नीति को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सारथी के माध्यम से आईटीआई संस्थानों में व्यापक सुधारों का मार्ग प्रशस्त होगा और युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।

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