भौराकलां में पुलिस और युवकों के विवाद के बाद बुलाई गई थी महापंचायत, एसपी ग्रामीण के आश्वासन पर फिलहाल टला आंदोलन
मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र में पुलिस और कश्यप समाज के दो युवकों के बीच हुए विवाद के बाद उत्पन्न तनाव को लेकर शनिवार को महापंचायत हुई, लेकिन यहां पहुंचे अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया तो प्रशासन के आश्वासन पर स्थगित कर दी गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक से हुई बातचीत के बाद पंचायत में मौजूद समाज के प्रमुख लोगों ने प्रशासन को चार दिन का समय देने का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को भौराकलां थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग अभियान के दौरान साइड देने को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार खेत से घास लेकर लौट रहे कश्यप समाज के दो युवकों से रास्ता खाली करने को कहा गया, जिस पर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई और एक पुलिस कर्मी की वर्दी भी फट गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और पुलिस कर्मियों से अभद्रता समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।

घटना के बाद कश्यप समाज के जिम्मेदार लोग थाने पहुंचे और मामले को आपसी सहमति से निपटाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई जारी रखी और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके विरोध में समाज ने शनिवार सुबह भौराकलां में महापंचायत बुलाने का ऐलान किया था। पंचायत को लेकर सोशल मीडिया पर भी वीडियो जारी कर समाज के लोगों से एकजुट होकर पहुंचने और न्याय की मांग उठाने की अपील की गई थी।
शनिवार को आयोजित पंचायत में कश्यपय समाज के सैंकड़ों लोग जुटे थे। यहां पर आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जा रहा था, सभी लोग पुलिस के रवैर्य को लेकर आक्रोशित नजर आये। इसी बीच एसपी देहात संजय अक्षय महाडिक भी मौके पर पहुंचे और कश्यप समाज के जिम्मेदार लोगों से वार्ता की। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को चार दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति बनाकर फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

महापंचायत में कश्यप समाज बुढ़ाना के खाप चौधरी डॉ. सोनू कश्यप, महर्षि कश्यप एकता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर सुशील कश्यप, चौधरी राकेश कश्यप, ओमपाल कश्यप, सचिन कश्यप, अमित कश्यप, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, मास्टर नीटू कश्यप सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत में पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई। उधर, पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।






