मेरठ- मेरठ में लूट के आरोपी को कथित रूप से तीन हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले में एक दरोगा और एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और जांच के बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मेरठ। लूट के एक मामले में वांछित आरोपी को कथित रूप से रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में पुलिस विभाग के दो कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एक दरोगा और एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में दर्ज एक लूट के मामले में आरोपी रिहान के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। आरोपी को निर्धारित समय सीमा के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के निर्देश थे। इसी क्रम में आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दरोगा अनूप कुमार को सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार के साथ मिलकर आरोपी को हिरासत में लियाए लेकिन नियमानुसार कार्रवाई नहीं की।
जांच में सामने आया कि आरोपी को हिरासत में लेने के बाद केसरगंज चौकी पर रखा गयाए लेकिन इसकी सूचना न तो वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और न ही थाने के अभिलेखों में दर्ज की गई। इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया, आरोपी की मां रिहाना ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने तीन हजार रुपये लेकर उसके बेटे को छोड़ दिया। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कराई। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में दोनों पुलिसकर्मी आरोपी रिहान को लाल रंग की मोटरसाइकिल पर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद हिरासत में लेने और छोड़ने की बात की पुष्टि हुई। कार्रवाई की भनक लगते ही दोनों पुलिसकर्मी फरार हो गएए लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धारा 199 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया हैए जबकि आरोपी रिहान की तलाश जारी है। क्षेत्राधिकारी कैंट विश्व ज्योति राय ने बताया कि मामले में जांच के बाद विधिक कार्रवाई की गई है। आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।

मुहर्रम जुलूस के रूट में बदलाव की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
आरोप है कि कुछ स्थानों पर लंबे समय तक रुककर मातम किए जाने से स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं





