टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई गति, मरीजों को दो मिनट में मिलेगी जांच और रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निदान सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का शुक्रवार को आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर रेडियोलॉजी, चेस्ट मेडिसिन और जनरल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक, मेडिकल फैकल्टी एवं अस्पताल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 24 मार्च 2026 को प्रारंभ किए गए ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अभियान का मुख्य लक्ष्य छिपे हुए टीबी रोगियों की पहचान करना, संक्रमण के प्रसार को रोकना तथा टीबी से होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना है।
नई हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के फेफड़ों के रोगियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मरीज का एक्स-रे मात्र दो मिनट में किया जा सकता है और रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध हो जाती है। इसके साथ ही मशीन से निकलने वाले रेडिएशन का प्रभाव पारंपरिक एक्स-रे उपकरणों की तुलना में काफी कम है, जिससे मरीज और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, त्वरित जांच सुविधा उपलब्ध होने से चिकित्सक उसी दिन मरीज की बीमारी का आकलन कर उपचार शुरू कर सकते हैं। टीबी जैसे संक्रामक रोगों की समय पर पहचान और इलाज के लिए यह तकनीक बेहद प्रभावी साबित होगी। चिकित्सा विशेषज्ञों ने इसे देश में टीबी जांच एवं उपचार प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आधुनिक रेडिएशन सुरक्षा शील्डिंग और उन्नत एर्गाेनोमिक नियंत्रणों से लैस यह पोर्टेबल मशीन मरीज के बिस्तर तक पहुंचकर उच्च गुणवत्ता वाली एक्स-रे इमेज लेने में सक्षम है। यही कारण है कि यह आपातकालीन विभाग, आईसीयू और रेडियोलॉजी विभाग के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। गंभीर अवस्था में भर्ती मरीजों को एक्स-रे जांच के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे तकनीक को शामिल करना संस्थान की तकनीक-संचालित, विश्वस्तरीय और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे न केवल अस्पताल की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि मरीजों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर चिकित्सा सेवाएं भी मिल सकेंगी।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों में ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान सही और त्वरित चिकित्सकीय निर्णय लेने में यह मशीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे उपचार प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। कार्यक्रम में रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुप्रीत कोहली, जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य, चेस्ट मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रहबर खान, डॉ. अनुराग रलावत, डॉ. अजय, डॉ. रजत, डॉ. शिवम तथा डॉ. अहमद फराज सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।






