शिक्षक दिवस 2025: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज और मानदेय वृद्धि

लखनऊ। शिक्षक दिवस 2025 के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के लिए कई अहम घोषणाएँ कीं। लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि अब प्रदेश के 9 लाख से अधिक शिक्षक कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसमें बेसिक, माध्यमिक, एडेड, सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक शामिल होंगे। इतना ही नहीं, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी इस योजना के दायरे में लाए जाएंगे।

सीएम योगी ने कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने को लेकर कमेटी गठित की गई है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा—

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“शिक्षक राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं। उन्हें स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त करना सरकार का कर्तव्य है। एक शिक्षक का सम्मान किसी भी नेता या नौकरशाह से अलग है।”

शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों का सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 81 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इसमें 66 बेसिक शिक्षा के शिक्षक और 15 माध्यमिक शिक्षा के शिक्षक शामिल रहे।

सम्मान स्वरूप शिक्षकों को 25 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न (मां सरस्वती की प्रतिमा) और शाल भेंट की गई।

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बेसिक शिक्षा विभाग से सम्मान पाने वालों में भदोही के संतोष कुमार सिंह, मेरठ की रेनू सिंह, लखीमपुर खीरी की मोहिनी श्रीवास्तव, प्रयागराज की डॉ. रीना मिश्रा और गोरखपुर के प्रमोद कुमार सिंह शामिल रहे।

‘उद्गम’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ

इस अवसर पर सीएम योगी ने SCERT द्वारा तैयार शैक्षिक पुस्तकों और ‘उद्गम’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया। इसमें ‘गुल्लक’ बाल कहानी संग्रह, ‘बाल वाटिका’ हस्त पुस्तिका और शैक्षिक नवाचारों का संकलन जारी किया गया।

‘गुल्लक’ के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान को रोचक व सरल बनाने के साथ नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का विकास किया जाएगा। वहीं ‘उद्गम’ पुस्तक में राज्यभर के शिक्षकों द्वारा किए गए नवाचारों के सफल प्रयासों को समाहित किया गया है।

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शिक्षा जगत में नई ऊर्जा

समारोह की शुरुआत जनता गर्ल्स आलमबाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना से की। इस मौके पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा—

“शिक्षक दीपक की तरह होते हैं, जो खुद को जलाकर दूसरों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आज का दिन डॉ. राधाकृष्णन के योगदान और शिक्षकों की निष्ठा को याद करने का अवसर है।”

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