नई कंपनी के साथ ही काम करने को तैयार हुए सभी आउटसोर्स और संविदा कर्मचारी, ईओ बोले-नहीं होगा कोई उत्पीड़न
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद् में आउटसोर्स एवं संविदा सफाई कर्मियों और वाहन चालकों की कामबंद हड़ताल चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप के सख्त रवैये के बाद गुरुवार सुबह पालिका प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गई। एक दिन पूर्व धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सहमति बनने के बाद अपने-अपने कूड़ा वाहनों के साथ पुनः कार्य शुरू कर दिया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य होने लगी है।
पालिका प्रशासन की ओर से अधिशासी अधिकारी पवन कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अन्नु चौधरी, सीएसएफआई योगेश कुमार, एसएफआई प्लाक्षा मैनवाल तथा वैशाली सोती ने धरनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की। मांगों पर बिंदुवार चर्चा के बाद कई मुद्दों पर सहमति बनी, जिसके पश्चात सफाई कर्मचारी संघ ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।
सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का किसी भी प्रकार का आर्थिक या मानसिक शोषण नहीं होना चाहिए। कूड़ा वाहनों के चालक नई कंपनी के साथ कार्य करेंगे, लेकिन उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों के पीएफ का भुगतान उनके खातों में कराया जाएगा तथा वेतन का नियमित भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा। बताया गया कि करीब 55 संविदा और आउटसोर्स वाहन चालकों ने मंगलवार को हड़ताल के दौरान वाहन संचालन बंद कर दिया था। समझौते के बाद सभी कर्मचारी कूड़ा वाहन लेकर पुनः अपने कार्य पर लौट आए हैं।
अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की जो मांगें नियमों और जनहित के अनुरूप थीं, उन पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है, जबकि अनैतिक मांगों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका बोर्ड की स्वीकृति के बाद कूड़ा वाहनों के संचालन का कार्य नई कंपनी को दिया जा रहा है और सभी आउटसोर्स वाहन चालक उसी कंपनी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि नई कंपनी में उनके सभी अधिकार और हित सुरक्षित रहेंगे तथा किसी भी प्रकार का शोषण या उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। दो चरणों में हुई वार्ता के बाद प्रशासन ने कर्मचारियों को मांगपत्र का जवाब दिया, जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
पवन कुमार ने कहा कि पालिका प्रशासन कर्मचारियों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देता है, लेकिन अनैतिक दबाव बनाकर हड़ताल या अन्य अनुचित गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनहित की रक्षा करना भी पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य किया जाएगा। वेतन वृद्धि की मांग पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जा रहा है। भविष्य में शासन स्तर पर वेतन बढ़ाए जाने पर उसका लाभ कर्मचारियों को भी मिलेगा। साथ ही वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित ठेकेदार फर्म को निर्देशित किया गया है। ईओ ने बताया कि 28 वाहन चालकों और कर्मचारियों के पीएफ भुगतान को लेकर भी ठेकेदार फर्म को निर्देश दिए गए हैं। पूर्व कंपनी द्वारा पीएफ संबंधी अनियमितताओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा कर्मचारियों का बकाया दिलाने के लिए पालिका प्रशासन प्रतिबद्ध है।






