गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने दी सफाई, चुनाव प्रक्रिया पर नहीं उठे सवाल

अध्यक्ष संजय मित्तल और महामंत्री अंकित गर्ग बोले- आदेश का आधार केवल कार्यकारिणी की सदस्य संख्या, लोकतांत्रिक जनादेश का किया सम्मान

मुजफ्फरनगर। सहायक रजिस्ट्रार चिट्स एवं फंड, सहारनपुर द्वारा दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को कालातीत घोषित किए जाने के संबंध में संस्था की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल और महामंत्री अंकित गर्ग ने संयुक्त बयान में कहा कि सहायक रजिस्ट्रार के आदेश में चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता का उल्लेख नहीं किया गया है। आदेश का मुख्य आधार केवल यह है कि चुनाव 31 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए कराए गए, जबकि कार्यालय द्वारा 21 सदस्यीय कार्यकारिणी को मान्यता प्रदान की गई है।

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एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2008 की आम सभा में सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से कार्यकारिणी की संख्या 21 से बढ़ाकर 31 करने तथा चुनाव एक वर्ष के स्थान पर प्रत्येक दो वर्ष में कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। उसी निर्णय के अनुरूप पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से प्रत्येक दो वर्ष में चुनाव संपन्न होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष से जुड़े सदस्य भी लंबे समय तक इसी प्रक्रिया के तहत चुनाव लड़ते और उसका पालन करते रहे हैं।

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संस्था का कहना है कि वर्ष 2024 से पहले जब कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से होता था और दोनों पक्षों को समान प्रतिनिधित्व मिलता था, तब किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत सामने नहीं आई, लेकिन जब चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक तरीके से कराए गए, तब बाजार के व्यापारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए स्पष्ट जनादेश दिया।

अध्यक्ष संजय मित्तल और महामंत्री अंकित गर्ग ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद की गई शिकायतें न केवल संस्था की छवि धूमिल करने का प्रयास हैं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने वाले सम्मानित व्यापारियों के जनादेश का भी अनादर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजय के बाद कुछ लोग जनादेश स्वीकार करने के बजाय शिकायतों के माध्यम से संस्था और पूरे बाजार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। संस्था ने विश्वास जताया कि सत्य और तथ्य अंततः सभी के सामने आएंगे। बता दें कि इस मामले में सहायक रजिस्ट्रार ने संस्था से 15 दिन में जवाब और तथ्य मांगे हैं। संजय मित्तल का कहना है कि हम पूरे नियमों के साथ जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं और उम्मीद है कि हमारा पक्ष ही जीतकर लौटेगा।

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