नेपाल की हिंसा में फंसे मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता ने जारी की वीडियो

परिवार को बंधाया हौसला, कहा-हम सभी सुरक्षित, भारत सरकार से की तत्काल प्रबंध करने की मांग

मुज़फ़्फ़रनगर। भाजपा नेता सुनील तायल समेत 10 लोग नेपाल के आपदा प्रभावित काठमांडू क्षेत्र में फंसे हुए हैं। वहाँ आगजनी और तोड़फोड़ हो रही है। उन्हें आपदाग्रस्त क्षेत्र से निकलवाकर भारत वापसी कराने के लिए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिलाधिकारी और विदेश मंत्रालय से फोन पर संपर्क किया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि अभी तक जानकारी के अनुसार भाजपा नेता सुनील तायल के साथ ही दस लोगों के नेपाल में हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसने की सूचना मिली है। इनमें कई लोग एक ही परिवार के बताये जा रहे हैं। मंत्री कपिल देव के अनुसार ये सभी लोग नेपाल में भगवान पशुपतिनाथ के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए तीर्थ यात्रा पर गये हुए हैं। इनमें सचिन गुप्ता व आशु गुप्ता निवासी प्रेमपुरी, प्रवीण गुप्ता निवासी नवाब गंज पश्चिमी, सुशील त्यागी नया अलमासपुर, भोपाल सिंह एटूजेड ग्रीन स्टेट कालोनी, पवन कुमार इन्दिरा कालोनी, वरूण धनगर इन्द्रप्रस्थ कालोनी रेशू विहार, सुनील तायल आत्म कुंज कालोनी जानसठ रोड के साथ ही कुलदीप सिंह बिजनौर और अजय जैन बडौत शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इसके लिए विदेश मंत्रालय में भी बात कर इनका रिकॉर्ड दिया गया है। वहां से सरकार लगातार नेपाल में फंसे भारतीयों को वापसी सुरक्षित लाने की तैयारियों में जुटी है।
बाजार में थे सुनील तायल, अचानक फूटने लगे बम, हुई आगजनी

सुनील तायल ने नेपाल के होटल के कमरे से वीडियो संदेश जारी करते हुए भगवान पशुपति नाथ के साथ ही दूसरे धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आये थे। सुनील तायल ने अपने गाइड थापा की सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए बताया कि शाम के समय जब अचानक ही हालात बिगड़े तो वो बाजार में थे, अचाकन ही गोलीबारी, आगजनी और लूटपाट की वारदातें होने लगी। इस अराजकता को स्वयं हमने अपनी आंखों से देखा है। दुकानों को आग लगाई गई और गोलाबारी से दहशत फैलाई। किसी तरह से छोटी गलियों से निकालकर गाइड थापा ने उनको होटल तक सुरक्षित पहंुचाया। सुनील तायल ने बताया कि नेपाल में लगातार हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन वो सभी सुरक्षित हैं। परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि नेपाल के हालातों को देखते हुए उनके साथ ही यहां पर फंसे अन्य भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापसी के तात्कालिक प्रबंध किये जायें।

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