चुनाव अधिकारी और प्रत्याशी के बीच संबंधों को लेकर निष्पक्षता पर लगा प्रश्नचिह्न, प्रॉक्सी वोटिंग की आशंका से व्यापारी वर्ग में बढ़ी चिंता
मुजफ्फरनगर। दि गुड़ खांडसारी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के आगामी चुनाव को लेकर व्यापारियों के एक वर्ग ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक चुनाव से जुड़ी आपत्तियों और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक चुनाव कराना संस्था की गरिमा और विश्वसनीयता के लिए उचित नहीं होगा।
व्यापारी नेता जितेंद्र कुच्छल, सचिन सिंघल, रिंकल बंसल और सुशील मित्तल ने संयुक्त रूप से चुनाव स्थगित करने की मांग की है। जितेन्द्र कुच्छल के साथ आए इन व्यापारियों द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि वर्तमान चुनाव अधिकारी जयप्रकाश मुंदड़ा जिस फर्म जयप्रकाश कन्हैयालाल से जुड़े हुए हैं, उसी फर्म से मनमोहन मुंदड़ा चुनाव मैदान में प्रत्याशी के रूप में हैं। ऐसे में चुनाव अधिकारी और प्रत्याशी के बीच प्रत्यक्ष संबंध होने के कारण हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। व्यापारियों का आरोप है कि इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका है तथा पूरी चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
विरोध कर रहे व्यापारियों का कहना है कि एसोसिएशन के बायलॉज की भावना तथा निष्पक्ष चुनाव के मूल सिद्धांतों के अनुसार चुनाव अधिकारी पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होना चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा नहीं दिखाई दे रहा है, जिसके चलते सदस्य असमंजस और असंतोष की स्थिति में हैं। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में हुए चुनावों के दौरान प्रॉक्सी वोटिंग को लेकर कई विवाद सामने आए थे। उस समय भी चुनाव परिणामों की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे थे। वर्तमान चुनाव में भी इसी प्रकार की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं, जिससे व्यापारी वर्ग में अविश्वास का वातावरण बन रहा है।
जितेन्द्र कुच्छल के साथ विरोध में खड़े नजर आ रहे इन व्यापारियों ने मांग की है कि चुनाव अधिकारी की नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए तथा सभी आपत्तियों और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण होने तक चुनाव प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए। उनका कहना है कि किसी भी व्यापारिक संस्था की प्रतिष्ठा उसके लोकतांत्रिक और पारदर्शी चुनावों से ही कायम रहती है। ऐसे में चुनाव ऐसे माहौल में संपन्न कराए जाने चाहिए, जहां प्रत्येक सदस्य को प्रक्रिया की निष्पक्षता और परिणामों की विश्वसनीयता पर पूर्ण भरोसा हो।






