भोपा पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी गिरोह का किया भंडाफोड़

तीन आरोपी गिरफ्तार, 10 तमंचे और 15 जिंदा कारतूस बरामद, मेरठ से लाकर मुजफ्फरनगर में करने जा रहे थे सौदा

मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त पर शिकंजा कसते हुए थाना भोपा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अवैध शस्त्रों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 10 अवैध तमंचे, 15 जिंदा कारतूस तथा एक स्कूटी बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने हथियारों की खरीद-बिक्री के नेटवर्क से जुड़े होने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के आगे और पीछे के नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने गुरूवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जनपद में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी भोपा लक्ष्मण वर्मा तथा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। बताया कि 24 जून की रात थाना भोपा पुलिस ककराला रजवाहे की पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी पर सवार तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन पुलिस को देखकर वे स्कूटी मोड़कर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।

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तलाशी के दौरान तीनों आरोपियों के पास से एक-एक अवैध तमंचा और एक-एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इसके बाद स्कूटी की डिग्गी की जांच की गई, जिसमें सात अतिरिक्त अवैध तमंचे और 12 जिंदा कारतूस मिले। इस प्रकार कुल 10 तमंचे और 15 कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित निवासी ग्राम पबला थाना इंचौली, निखिल मलिक निवासी नगला शेखू थाना इंचौली तथा विकास भाटी निवासी ग्राम कुंडा थाना फलावदा, जनपद मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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एसएसपी के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अवैध तमंचों को 5,000 से 5,500 रुपये में खरीदकर करीब 7,000 रुपये में बेचते थे, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता था। आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद हथियारों और कारतूसों को भी वे किसी ग्राहक को बेचने जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने हथियार किन लोगों से खरीदे और अब तक किन-किन व्यक्तियों को बेचे हैं। साथ ही उनके आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच में अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक रेशमपाल सिंह, उपनिरीक्षक पिंटू चौधरी, हेड कांस्टेबल आदित्य चौधरी, विनय कुमार तथा कांस्टेबल प्रवीण कुमार, प्रमोद कुमार, अनुपम यादव और दलेल यादव शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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