शाहनवाज राणा पर शिकंजा-पूर्व विधायक की कंपनी के फर्जीवाड़े पर पड़े ईडी के छापे

जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े करीब 20 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी क्लेम के मामले में हुई कार्रवाई 

मुजफ्फरनगर में सोमवार की सुबह हुई ईडी की छापामार कार्रवाई से पूरे उद्योग जगत में हड़कम्प है। इसमें एक बार फिर से पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़ी कंपनी के कथित फर्जीवाड़े पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने शिकंजा कस दिया है। मेरठ रोड पर सूजडू चुंगी स्थित कार्यालय से चलाई जा रही कंपनी जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े करीब 20 करोड़ रुपये के कथित फर्जी आईटीसी क्लेम के मामले में ईडी ने छापेमारी की कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद मामले ने राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

जनपद मुजफ्फरनगर में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और बिना माल की आवाजाही के फर्जी ई-वे बिल तैयार किए जाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने कंपनी से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई करते हुए मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य जानकारी जुटाई है। इसमें मेरठ रोड स्थित राणा हाउस पर आजाद समाज पार्टी के नेता पूर्व विधायक शाहनवाज राणा, उनके चाचा रालोद नेता पूर्व विधायक नूरसलीम राणा के आवासों पर भी ईडी पहुंची है और पूरे राणा हाउस को पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों ने अपने कब्जे में ले लिया। राणा हाउस परिसर में ही सपा नेता पूर्व सांसद कादिर राणा का भी आवास है। इसके साथ ही शाहनवाज राणा की इस कंपनी के कारोबार से जुड़े अन्य कंपनियों के लोगों के आवासों और परिसरों पर भी छापा मारा गया है। जनपद में चार स्थानों पर ईडी की टीम ने एक साथ यह कार्रवाई की।

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बताया गया है कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने और उसे आगे पास करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार कर फर्जी आईटीसी बनाने और उसे आगे पास करने का आरोप है। जांच में कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिये बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन, फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, जीएसटी अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल करने और 10.28 करोड़ रुपये का आईटीसी आगे पास करने की बात सामने आई है, इसी इनपुट के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की है।

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सूत्रों के अनुसार जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड मुजफ्फरनगर में पंजीकृत सार्वजनिक कंपनी है, जिसकी स्थापना 4 सितंबर 2002 को हुई थी। इसमें पूर्व विधायक शाहनवाज राणा के पुत्र शाह आजम राणा और उनके रिश्तेदार कामरान राणा निदेशक बताये गये हैं। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय सुजड़ू चुंगी स्थित पीएनबी बैंक के सामने मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में बताया गया है। कंपनी से जुड़े एडिशनल निदेशकों में नासिर राणा, जिया अब्बास जैदी और तौफीक कुरैशी के नाम सामने भी शामिल बताये गये हैं। अपै्रल 2025 में सिविल लाइन पुलिस ने इसी कंपनी में जीएसटी चोरी के मामले में दर्ज मुकदमे के बाद शाहनवाज राणा, शाह आजम राणा, कामरान राणा, जिया अब्बास जैदी और तौसीफ कुरैशी के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। नवम्बर माह में शाह आजम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। यह पूरा मामला कथित तौर पर फर्जी चालानों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने और बिना वास्तविक माल की आवाजाही के ई-वे बिल बनाए जाने से जुड़ा है। ईडी की कार्रवाई इसी वित्तीय अनियमितता की जांच के तहत की गई है। बताया जाता है कि कंपनी इससे पहले भी राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में ऋण से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रही है। फिलहाल ईडी की जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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