खतौली। 11 दिन से जिस बेटे के लौटने की उम्मीद में परिवार की आंखें दरवाजे पर टिकी थीं, मंगलवार सुबह उसी बेटे की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। गांव भैंसी में 24 वर्षीय अतुल का सड़ा-गला शव ईंख के खेत की डोल के पास मिला। शव की हालत देखकर मौके पर मौजूद हर किसी का कलेजा कांप उठा।
अतुल पुत्र संतपाल 29 अगस्त को अचानक घर से लापता हो गया था। उसके बाद परिवार ने रिश्तेदारों से लेकर हर संभावित जगह पर उसकी तलाश की। पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई, लेकिन हर गुजरते दिन के साथ परिवार की चिंता बढ़ती गई। परिजनों को उम्मीद थी कि अतुल एक दिन अचानक दरवाजे पर आकर खड़ा हो जाएगा, लेकिन मंगलवार को उसकी मौत की खबर पहुंची।
सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों को दुर्गंध महसूस हुई। पास जाकर देखा तो ईंख के खेत की डोल के किनारे शव पड़ा था। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कपड़ों और हुलिए से परिजनों ने शव की पहचान अतुल के रूप में की। पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि शव पर चोट के निशान और गले पर दबाने या कसने के निशान दिखाई दिए हैं। पुलिस ने मामले में गांव के ही दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि हत्या की वजह और घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। अतुल की मौत ने गांव में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी? क्या भरोसे का रिश्ता ही उसकी मौत की वजह बना? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तलाशे जा रहे हैं।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र बघेल ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट होगा। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। घर से निकला था अतुल… परिवार को क्या पता था कि अब वह कभी लौटकर नहीं आएगा।
