बाबुल से बगावतः पिता ने तोड़ी सगाई, बेटी ने मंगेतर संग मंदिर में शादी रचाई

दोनों के परिजनों ने ही आपसी सहमति से तय किया था रिश्ता, 25 अपै्रल को होनी थी शादी, बेटी ने किया विरोध

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में पारिवारिक विवाद के चलते एक तयशुदा विवाह ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। सगाई टूटने के बाद युवती ने अपने ही बाबुल से बागपत करते हुए परिवार और सामाजिक दबावों को दरकिनार कर दिया। इस युवती ने अपने मंगेतर के साथ मंदिर में विवाह कर लिया और शादी करने के तुरंत बाद ही अपने पति को साथ लेकर अपने ही परिजनों के खिलाफ किसी भी संभावित कार्यवाही और हमले से सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन की शरण में जा पहुंची।

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मुजफ्फरनगर में एक युवक और युवती ने बुधवार को मंदिर में विवाह कर लिया और इसके तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। यह मामला उस समय चर्चा का विषय बन गया जब युवती ने बताया कि उनका रिश्ता पहले दोनों परिवारों की सहमति से तय हुआ था। नवदंपति ने मीडिया को दी जानकारी में बताया कि दोनों परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सगाई संपन्न कराई थी और विवाह की तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की गई थी। शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं, लेकिन इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।

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विवाद इतना बढ़ गया कि निर्धारित तिथि से दो दिन पहले ही युवती के पिता ने विवाह करने से इंकार कर दिया। इस फैसले के बाद परिवार में तनावपूर्ण माहौल बन गया। परिस्थिति से आहत युवती ने अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए अपने मंगेतर के साथ मंदिर में जाकर विवाह कर लिया। विवाह के बाद दोनों सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों को पूरी घटना से अवगत कराया।

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नवदंपति ने बताया कि उन्हें अपने परिजनों से जान का खतरा है, इसलिए उन्होंने पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना न केवल पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव को उजागर करती है, बल्कि युवाओं द्वारा अपने निर्णय स्वयं लेने की बदलती सामाजिक सोच को भी दर्शाती है।

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