बागपत के एसपी को शासन ने सौंपी मुजफ्फरनगर पुलिस की कमान, संजय पीएसी सेनानायक बनाये गये, मुजफ्फरनगर में करीब 16 माह के कार्यकाल में संजय वर्मा ने किये कई बड़े गुडवर्क, टॉर्चर फैक्ट्री का खुलासा रहेगा याद
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा देर रात दो एडीजी सहित 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किये हैं। इनमें मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा का नाम भी शामिल है। उनको हटाकर यहां पर बागपत के एसपी सूरज कुमार राय को एसएसपी बनाया गया है। संजय वर्मा मुजफ्फरनगर में करीब 16 महीने कार्यरत रहे और उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े गुडवर्क करने के साथ ही पुलिस के विशेष ऑपरेशन में बड़ी सफलता अर्जित की। उनका ऑपरेशन टॉर्चर फैक्ट्री बड़ा गुडवर्क रहा, जिसमें 12 बंधक मजदूरों को गंभीर यातनाओं से निजात दिलाई गई। कई बड़े एनकाउंटर भी उनके नाम रहे।

संजय कुमार वर्मा जुलाई 1997 को पुलिस सर्विस में आये। वो 1997 बैच के पीपीएस अधिकारी के रूप में उत्तर प्रदेश पुलिस के गजेटिड अफसर बने। बाद में शासन द्वारा 2014 में उनको प्रमोट करते हुए आईपीएस रैंक प्रदान की गई। फिलोस्फी में बीए की डिग्री रखने वाले संजय कुमार वर्मा को मई 2025 को मुजफ्फरनगर में एसएसपी बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने यहां पर अपराधियों के खिलाफ कई बड़े गुडवर्क करते हुए नाम कमाया। गांव मांडी की टॉर्चर फैक्ट्री का खुलासा और वहां से बंधक बनाये गये 12 मजदूरों को निजात दिलाने में उनकी कार्रवाई को जनता ने दिल से सराहा। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा में गंभीर साजिश, हथियार तस्करों के खिलाफ बड़ा एक्शन और इन तस्करों को मदद पहुंचाने के मामले में एक भाजपा नेता के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने, शोभायात्रा में हथियारों के खुले प्रदर्शन पर मंत्री के खास माने जाने वाले एक और भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई से उन्होंने सख्त मिजाज अफसर होने का परिचय पब्लिक को दिया। अब उनको यहां से हटा दिया गया। आईपीएस संजय वर्मा का तबादला शासन द्वारा 4वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज के सेनानायक के पद पर किया है।
उनके स्थान पर साल 2018 बैच के आईपीएस सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का नया एसएसपी बनाया गया है। सूरज राय वर्तमान में बागपत के एसपी के पद पर कार्यरत थे। मूल रूप से जौनपुर जनपद के गांव पैसारा के रहने वाले सूरज राय का जन्म 02 अगस्त 1991 को हुआ था। उन्होंने अपने पैतृक गांव और जनपद में शुरूआत शिक्षा प्राप्त करने के बाद मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद में बी.टेक में प्रवेश लिया और यहां से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बेचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद यूपीएससी की सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की और 2017 की परीक्षा में उन्होंने 117वीं रैंक हासिल करते हुए आईपीएस कैडर प्राप्त किया। उनको 2018 बैच का आईपीएस अफसर बनने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के उपरांत उनकी पहली पोस्टिंग एएसपी के पद पर कानपुर नगर में रही और इसके उपरांत उनको आगरा में भी तैनात किया गया। पुलिस कप्तान के रूप में पहली पोस्टिंग बागपत में की गई थी, जहां उन्होंने करीब डेढ़ साल कार्यभार संभाला और अब एसएसपी के रूप में उनको मुजफ्फरनगर भेजा गया है।
छात्र जीवन में पिता की हत्या, पुलिस से मिले धक्के
मुजफ्फरनगर के नये एसएसपी बनाये गये आईपीएस सूरज कुमार राय का जीवन काफी प्रेरणादायक है। जब वो इलाहाबाद में इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल कर रहे थे कि इसी बीच जमीनी विवाद की रंजिश में उनके पिता महेंद्र कुमार राय की 31 जुलाई 2009 को हत्या कर दी गई। पिता की हत्या के बाद छात्र सूरज को न्याय के लिए पुलिस और अदालत के चक्कर लगाने पड़े। उनको घंटों तक पुलिस थानों में बैठाये रखा जाता, पुलिस कर्मियों से यहां से वहां के धक्के मिलते। साक्ष्य जुटाने और न्याय दिलाने में पुलिस ने गंभीर लापरवाही बरती।

इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि न्याय की उम्मीद लेकर बड़ी संख्या में पीड़ित भी इसी तरह परेशान होते हैं। इसी पीड़ा ने उनको इंजीनियरिंग की राह से सिविल सर्विस की ओर मोड़ दिया। पिता की हत्या जैसी गंभीर परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बदले की राह नहीं चुनी। बल्कि व्यवस्था को भीतर से समझकर पीड़ितों की मदद करने का संकल्प लिया। आईपीएस सूरज राय का कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और अपराध पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनकी व्यक्तिगत त्रासदी ने उन्हें पुलिस व्यवस्था का जो कडुवा अनुभव दिया, उससे सीख लेकर उन्होंने एक अफसर के रूप में मिले अधिकार को पीड़ितों की सहायता और सेवा का आधार बनाया है।
