महामंत्री द्वारा हड़ताल नोटिस के तुरंत बाद टाउनहाल में धरना शुरू, अध्यक्ष बोले- बातचीत जारी थी, कर्मचारियों को भ्रमित कर किया गया प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारी संघ के प्रदर्शन और हड़ताल के नोटिस के तत्काल बाद ही धरना देने को लेकर संघ के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। संघ के अध्यक्ष नीरज बिड़ला ने बिना उनकी सहमति और अनुमति के धरना शुरू किए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे महामंत्री मिलन कुमार द्वारा कर्मचारियों को भ्रमित करने और संगठन में फूट डालने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप से एक दौर की वार्ता हो चुकी थी, दूसरी वार्ता का समय निर्धारित था और समाधान का आश्वासन दिया गया था। इससे पहले ही अचानक किसी इशारे पर महामंत्री ने कुछ कर्मचारियों को भड़काकर प्रदर्शन कराया है।
जानकारी के अनुसार, सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार ने मंगलवार सुबह अधिशासी अधिकारी पवन कुमार से टाउनहाल स्थित कार्यालय में भेंट की, इस दौरान संघ अध्यक्ष नीरज बिडला भी मौजूद रहे। बाद में मिलन कुमार ने ईओ को हड़ताल का नोटिस सौंपते हुए कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। इसमें कहा गया कि 22 जून की शाम तक समस्याओं पर विचार नहीं किया गया तो 23 जून की सुबह से हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया जायेगा, लेकिन अचानक ही दोपहर में वह कर्मचारियों के साथ टाउनहाल परिसर में धरने पर बैठ गए।
इस बीच संघ अध्यक्ष नीरज बिड़ला ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर नगर पालिका चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप से पहले ही वार्ता हो चुकी थी और दूसरी बैठक का समय भी निर्धारित था। उन्होंने बताया कि सुबह उनकी अधिशासी अधिकारी पवन से भी मुलाकात के दौरान बातचीत हुई थी, जिसमें समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता के माध्यम से रास्ता निकालने का आश्वासन मिला था। संघ अध्यक्ष ने कहा कि हड़ताल नोटिस में 23 जून से आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद अचानक धरना शुरू करना समझ से परे है। उनका आरोप है कि हड़ताल नोटिस भी उनके हस्ताक्षर और परामर्श के बिना दिया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हित सर्वाेपरि हैं, लेकिन अनैतिक दबाव बनाने के लिए कर्मचारियों को बरगलाने की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
वहीं महामंत्री मिलन कुमार की ओर से दिए गए हड़ताल नोटिस में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका प्रशासन ने वाहनों का संचालन निजी कंपनी को सौंप दिया है, जिससे वर्षों से कार्यरत ड्राइवरों के रोजगार पर संकट उत्पन्न हो गया है। नोटिस में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लंबित पीएफ भुगतान, बकाया वेतन, समय पर वेतन वितरण तथा वेतन वृद्धि की मांग भी उठाई गई है। संघ की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 23 जून से वाहन संचालन ठप कर दिया जाएगा। साथ ही मांगें पूरी न होने पर आमरण अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी गई है।





