पालिका में बेखौफ कर्मचारी-धोखे से चेयरपर्सन के साइन कराकर अलाट करा लिया क्वार्टर

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में कर्मचारी इतने बेखौफ हैं कि वो अब धांधलेबाजी से धोखेबाजी पर उतर आये हैं। ऐसा ही एक मामला पालिका में चर्चाओं का कारण बना हुआ है। पालिका के जलकल विभाग के सहायक अभियंता ने उनको आवंटित चार कमरों का क्वार्टर खाली किया। इसको लेकर चेयरपर्सन के समक्ष पालिका के अधिकारी ने आवेदन किया था, क्योंकि यह क्वार्टर पालिका के अधिकारी संवर्ग के लिए ही आवंटित होना तय था, लेकिन एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने चेयरपर्सन को पूरी तरह से धोखे में रखते हुए क्वार्टर के आवंटन आदेश पर उनके हस्ताक्षर करा लिये और चाबी भी हथिया ली। मामले की पोल खुली तो खुद चेयरपर्सन भी हतप्रभ रह गई, उन्होंने कर्मचारी की हरकत पर कड़ी नाराजगी जताई और नया आवंटन आदेश जारी किया गया। जिसमे ये क्वार्टर अब पालिका के एई निर्माण को आवंटित किया गया है, लेकिन आदेश जारी होने के कई दिन बीतने के बाद भी उनको चाबी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

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नगरपालिका परिषद् के शहर में कई स्थानों पर क्वार्टर बने हुए हैं, जो पालिका के कर्मचारियों और अधिकारियों को आवंटित हैं। मेरठ रोड स्थित पड़ाव के पास बने क्वार्टर में अधिकारी संवर्ग के लिए चार कमरों का क्वार्टर भी हैं, जो जलकल विभाग के एई सुनील कुमार को आवंटित किया गया था। पिछले दिनों उन्होंने यह क्वार्टर खाली कर अधिकार पालिका को सौंप दिया था। इसके बाद इस क्वार्टर को कब्जाने के लिए पालिका के कई अधिकारी और कर्मचारी जुट गये थे। आवास की समस्या होने के कारण पालिका के निर्माण विभाग के एई अखंड प्रताप सिंह ने भी चेयरपर्सन के समक्ष इस क्वार्टर को पाने के लिए आवेदन किया था, क्योंकि ये अधिकार संवर्ग के लिए था तो वो निश्चित थे कि ये क्वार्टर उनको उपलब्ध हो जायेगा, लेकिन इसमें बड़ा खेला कर दिया गया। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप जब पिछले दिनों पालिका कार्यालय के निरीक्षण पर आई तो उनके सामने कुछ मामलों को लेकर पत्र साइन के लिए प्रस्तुत किये गये, इनमें ही एक पत्र पर उनके साइन करा लिये गये। यह पत्र पड़ाव क्वार्टर के आवंटन के आदेश के सम्बंध में था। पालिका सूत्रों के अनुसार इसमें एई सुनील कुमार का चार कमरों वाला क्वार्टर एई अखंड प्रताप के बजाये चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौहम्मद सालिम के नाम आवंटित करा लिया गया। जबकि सालिम परिवार के साथ इसी क्वार्टर के ऊपर आवंटित क्वार्टर में रह रहे हैं।

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किसी को इसी कानों-कान खबर भी नहीं हुई। न ही चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को यह बताया गया कि उनके द्वारा क्वार्टर आवंदन के आदेश पत्र पर हस्ताक्षर कर दिये गये हैं। इसके बाद सालिम ने चेयरपर्सन के आदेश दिखाकर टैक्स विभाग से क्वार्टर की चाबी भी प्राप्त कर ली। अब हुआ ये कि एई अखंड प्रताप के आवेदन का निस्तारण करते हुए चेयरपर्सन ने कर अधीक्षक नरेश शिवालिया के नाम क्वार्टर आवंटन अखंड प्रताप के नाम करने का आदेश पत्र जारी कर दिया। यह पत्र टीएस को मिला तो वो भौचक्क रहे गये, क्योंकि इससे पहले चेयरपर्सन के आदेश पर ही वो ये क्वार्टर सालिम के नाम कर चुके थे। दो आदेशों के फेर में उलझे टीएस ने जब चेयरपर्सन को इसकी जानकारी दी तो वो भी हतप्रभ रह गयीं। उन्होंने सालिम को क्वार्टर आवंटित करने के आदेश की जानकारी होने से इंकार किया तो पालिका में हंगामा खड़ा हो गया। पता चला कि उनको धोखे में रखकर यह सारा खेल खेला गया। इसको लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और पूरा आदेश खारिज कर दिया गया। टीएस नरेश शिवालिया ने बताया कि एई निर्माण अखंड प्रताप को क्वार्टर आवंटित कर दिया गया है। एई अखंड का कहना है कि उनको आदेश तो प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन अभी तक भी क्वार्टर की चाबी उनको नहीं दी जा रही है।

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