दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह का 359वां प्रकाश पर्व मनाया

मुजफ्फरनगर। सिख समाज ने दशमेश पिता सरबंस दानी गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 359 वां प्रकाश पर्व  धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर गुरूद्वारा में श्री गुरू ग्रंथ साहिब का दिवान सजाया गया और रागी भाइयों ने गुरूओं की महिमा का गुणगान किया। सोमवार को श्री गुरु सिंह सभा द्वारा सरबंस दानी श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 359 वां प्रकाश पर्व पर बड़ी धूमधाम के साथ पूर्ण श्र(ा भाव से गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा निकट रोडवेज में मनाया गया। इस दौरान श्री गुरू सिंह सभा के प्रधान सरदार हरजीत सिंह गुराया व सेक्रेटरी सरदार धनप्रीत सिंह चन्नी बेदी की देखरेख में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें की सर्वप्रथम श्रीखंड पाठ साहिब की समाप्ति प्रातः 9.00 बजे की गई। इसके बाद विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया, जिसमें गुरुद्वारा रुड़की रोड व गुरुद्वारा नुमाइश कैंप के हजूरी रागी जत्था ने कीर्तन किया और गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भी कीर्तन करते हुए साध संगत को निहाल किया। इसके पश्चात हेड ग्रंथी ज्ञानी जोगा सिंह व ज्ञानी हरजीत सिंह ने भी गुरु गोविंद सिंह के जीवन और उनके बलिदान तथा उनके पुत्रों की कुर्बानियों पर प्रकाश डाला। ज्ञानी हरजी सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म सन 1666 में पिता गुरु तेग बहादुर व माता गुजरी के घर पटना साहिब में हुआ था। गुरु गोविंद सिंह जी को सरबंस दानी कहा जाता है, क्योंकि गुरु गोविंद सिंह ने देश व धर्म की खातिर अपना सब कुछ निछावर कर दिया था। गुरु गोविंद सिंह शहीद पिता के पुत्र व शहीद पुत्रों के पिता कहलाते हैं। गुरु गोविंद सिंह ने सन 1699 में बैसाखी वाले दिन खालसा पंथ सजाया और पंज प्यारे की परम्परा की शुरूआत की। इसके पश्चात भाई दलेर सिंह हजूरी रागी गांधी काॅलोनी ने कीर्तन किया व विशेष तौर से भाई बख्शीश सिंह हजूरी रागी जत्था श्री दरबार साहिब अमृतसर से कीर्तन करने के लिए पधारे, जिन्होंने बहुत ही रसमई कीर्तन द्वारा संगतो को निहाल करा इसके पश्चात श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार हरजीत सिंह गुराया ने आई हुई संगतों का धन्यवाद किया और सभी को गुरु पर्व की बधाई दी। इस दौरान सांसद हरेन्द्र मलिक भी श्री गुरू सिंह सभा गुरूद्वारा रोडवेज पहुंचे और श्री गुरू ग्रंथ साहिब के दिवान के समक्ष मत्था टेकते हुए गुरूओं की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने गुरू गोविन्द सिंह महाराज के जीवन काल और उनके बलिदान को भी नमन करते हुए कहा कि गुरूओं की वाणी से ही मानव का कल्याण संभव है। मुख्य तौर से पधारे हुए प्रशासनिक व राजनीतिक लोगों का श्री गुरू सिंह सभा के पदाधिकारियों के द्वारा स्मृति चिन्ह और शाॅल उढ़ाकर स्वागत व सत्कार किया गया। श्री गुरु सिंह सभा के सभी सदस्यों द्वारा लंगर वर्ताया गया। इस दौरान सभी संगतों ने पंगत में बैठकर बड़ी श्र(ा के साथ लंगर छका। सभी ने देश और समाज के कल्याण के लिए गुरूओं से प्रार्थना की। इस दौरान गुरूद्वारा रोडवेज में संगत की भारी भीड़ नजर आई और सर्दी के कारण यहां पर चाय का लंगर भी चलाया गया। 

इसे भी पढ़ें:  शिक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन मुज़फ्फरनगर स्थित भोपा रोड,
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *